गजरौला(अमरोहा)। पितृ विसर्जन अमावस्या पर गंगा स्नान में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा तो हाईवे पर वाहनों के पहिए भी थम गए। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर नौ घंटे जाम लगा। ब्रजघाट गंगा पुल से लेकर मोहम्मदाबाद सामने तक भीषण जाम लगा रहा। उधर तिगरी से गजरौला तक भी वाहनों की लाइन लगी रही। जाम में फंस जाने के कारण श्रद्धालु नहीं निकल सके तो खेतों से होकर गंगा घाट तक पहुंचे। जाम को खुलवाने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। जाम लगने के कारण वाहन वैकल्पिक मार्गों से होकर गंतव्य को रवाना हुए।
शनिवार की सुबह पितृ विसर्जन अमावस्या होने के कारण लाखों श्रद्धालु गंगा में स्नान करने के लिए तिगरी और ब्रजघाट पहुंचे। भोर होते ही श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के उदघोष संग गंगा में स्नान किया। गंगा में डुबकी लगाने के बाद सूर्य और कुशा को गंगा जल अर्पित किया। धार्मिक अनुष्ठान कराकर पितरों का तर्पण किया। भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ने के चलते सुबह चार बजे दिल्ली लखनऊ हाईवे पर लंबा जाम लग गया। आठ बजे तक इस कदर लाइन लगी रही कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। ब्रजघाट से मोहम्मदाबाद तक वाहनों की लंबी लाइन के कारण दोनों तरफ के वाहन फंस गए। वाहनों के पहिए जाम हो गए। जाम के कारण श्रद्धालुओं और सफर करने वाले लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह चार बजे से दोपहर एक बजे के बाद तक जाम लगा रहा। जाम में फंसे वाहन हसनपुर के गंगानगर सामने पुल से होकर गुजरे। उधर तिगरी-गजरौला मार्ग पर भीषण जाम लग गया। श्रद्धालुओं के वाहन जाम में फंस गए। जिसके चलते हजारों श्रद्धालु खेतों से पैदल निकल कर गंगा तट पर पहुंचे। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि पितृ विसर्जन अमावस्या पर हाईवे व तिगरी-गजरौला मार्ग पर जाम लग गया था। बाद में वाहन रेंग रेंग कर गुजरते रहे।
रूट डायवर्जन के बाद भी बेलगाम रहा यातायात
पितृ अमावस्या पर स्नान को लेकर प्रशासन ने शनिवार को रूट डायवर्जन लागू किया था। दिल्ली से मुरादाबाद व मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाले मार्गों को दूसरे रूट से गुजारे जाने की प्लानिंग थी। बावजूद इसके हाईवे पर वाहनों को रेला उमड़ पड़ा। ब्रजघाट पुल पर तो वाहन घंटाें जाम में फंसे रहे। दिन भर पुलिस भी भारी मशक्कत करती रही। गनीमत यह रही कि भारी वाहनों को यहां से नहीं गुजारा गया वरना स्थिति और भी बिगड़ सकती थी।
श्रद्धालुओं ने कराए धार्मिक अनुष्ठान
पितृ विसर्जन अमावस्या पर ब्रजघाट गंगा में भी स्नान करने के लिए श्रद्धालु शुक्रवार की रात ही पहुंच गए थे। वह धर्मशालाओं में ठहर गए। जबकि तिगरी में स्नान करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु तड़के गंगा तट पर पहुंचे। पतित पावनी तट पर उमड़े श्रद्धालुओं के सैलाब ने आधी रात के बाद से ही स्नान शुरू कर दिया था। स्नान करने के बाद पितरों के तर्पण के लिए धार्मिक अनुष्ठान कराए गए। पुरोहितों को दान दक्षिणा देकर तृप्त किया।
खेतों से होकर गंगा तट पहुंचे श्रद्धालु
पितृ विसर्जन अमावस्या पर गजरौला-तिगरी मार्ग जाम से जूझता रहा। पैदल हों या वाहन सवार सभी श्रद्धालु जाम में फंस गए। घंटों की मशक्कत के बाद भी जाम से नहीं निकल सके तो पैदल और दो पहिया वाहन सवार श्रद्धालुओं ने खेतों का रुख कर दिया। दूर-दूर तक खेतों की चकरोड़ से श्रद्धालु गुजरते रहे। खेतों-खेतों से होकर श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर पहुंच कर स्नान कर पुण्य कमाया।
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