हसनपुर। देहरादून में बदल फटने से तेज बहाव में बहे तीनों दोस्तों से गांव रहरा में मातम है। इनमें से एक का शव मिल चुका है जबकि दो की तलाश जारी है। मंगलवार सुबह मौके से फोन पर परिजनों को जानकारी हुई जिसके बाद कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। तीनों के परिजनों को रो-रोकर बुरा है। रिश्तेदार व ग्रामीण उन्हें सांत्वना दे रहे है। उधर, जानकारी होते ही तीनों के परिवार वाले व अन्य लोग देहरादून के लिए रवाना हो गए।
हसनपुर के नजदीकी गांव रहरा और आसपास के गांव के रहने वाले 11 मजदूर रक्षाबंधन के दो दिन बाद देहरादून क्षेत्र के बाजावाला में मजदूरी करने गए थे। उनके परिजनों ने बताया कि स्पना नदी से बजरफुट निकाला जा रहा था। यह मजदूर इसी काम में लगे थे। मंगलवार तड़के भारी बारिश और बादल फटने से रहरा निवासी मजदूर पुष्पेंद्र (20), पीतम (22) और पंकज (27) बह गए।
मौके से फोन पर परिजनों को मामले की जानकारी किसी ने दी। बताया कि पंकज का शव मिल गया है। अन्य की तलाश की जा रही है। यह खबर सुनते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों ने बताया कि यह तीनों दोस्त बहुत ही मेहनती थे और अक्सर काम के सिलसिले में बाहर जाते रहते थे। उनकी आकस्मिक मौत की खबर से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर कोई इस घटना से स्तब्ध है। लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि इतनी दूर जाकर उनके साथ ऐसा हादसा हो जाएगा। गांव में चारों तरफ खामोशी और उदासी छाई हुई है। परिजनों का कहना है कि नदी के तेज बहाव के कारण तलाशी अभियान में दिक्कतें आ रही हैं।
दो माह पहले हुई थी पंकज की शादी
देहरादून में नदी में बादल फटने से नदी में बहने वाले लोगों में पंकज का शव करीब 70 किमी दूर जाकर मिला। बताते हैं कि पंकज की करीब दो माह पहले ही शादी हुई थी। पत्नी उजाला का रो-रोकर बुराहाल है। पंकज के चार भाई और एक बहन है। पंकज परिवार में सबसे छोटा था।