अमरोहा। बारिश का मौसम शुरू होते ही डेंगू और मलेरिया के मच्छर पर पनपने लगे हैं। पिछले कुछ दिन में अचानक बुखार के मरीजों की भी संख्या बढ़ी है। अस्पतालों में इलाज कराने पहुंच रहे बुखार पीड़ितों में डेंगू और मलेरिया के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। उन्हीं लक्षणों के आधार पर मरीज को दवाई दी जा रही है। हालांकि, अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने भी डेंगू या मलेरिया के मरीज के मिलने की कोई पुष्टि नहीं की है।
बारिश का मौसम शुरू हो चुका है। अमरोहा जिले के कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बरसात में जगह-जगह बारिश का पानी भर जाता है। इसमें मच्छर पनपने लगते हैं। इन दिनों शहर से लेकर गांव तक यही हाल है। अगले कुछ सप्ताह में मच्छरों का आतंक और भी बढ़ जाएगा। वातावरण में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव से वायरस-बैक्टीरिया का प्रकोप भी बढ़ जाता है। वातावरण में हुए बदलाव का सीधा असर हमारी इम्यूनिटी पर भारी पड़ रहा है। इससे हमारा शरीर संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है। ऐसे में अगर मच्छर काट ले, तो कई खतरनाक बीमारियां शिकार बना सकती हैं। इनसे बचने के लिए अभी से तैयारी करने की जरूरत है। बिना पंजीकरण शहर में चल रहे अस्पतालों में डेंगू आशंकितों का उपचार किया जा रहा है।
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झोलाछाप कर रहे इलाज
गली-मोहल्लों गांव और शहर की पाश काॅलोनियों में बुखार उल्टी-दस्त, मलेरिया, डेंगू, दाद-खाज और खुजली के अलावा सांस के गंभीर मरीजों का इलाज झोलाछाप व्यक्ति कर रहे हैं। झोलाछाप डॉक्टर लोगों की जान से जहां खिलवाड़ कर रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कुछ स्वास्थ्यकर्मियों की मिलीभगत से झोलाछाप लोगों ने कई बड़े हॉस्पिटल तक खोल रखे हैं। जिले में अनुमानित पांच हजार से अधिक झोलाछाप डॉक्टर हैं।
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यह बरतें सावधानी
पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े पहनें।
सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
घर के आसपास जलभराव नहीं होने दें, यदि हो तो मिट्टी से पाट दें।
नालियों की समय-समय पर सफाई करते रहें।
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डेंगू के यह हैं लक्षण
ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना।
सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना।
आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, जो आंखों को दबाने या हिलाने से और बढ़ जाता है।
बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मितलाना और मुंह का स्वाद खराब होना।
गले में हल्का-सा दर्द होना।
शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज होना।
स्किन पर गहरे नीले-काले रंग के छोटे या बड़े चकत्ते पड़ जाना।
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डेंगू को लेकर सभी चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया गया है। अति संवेदनशील व संवेदनशील मोहल्लों और गांवों की सूची तैयार है। इन क्षेत्रों पर मलेरिया विभाग की लगातार निगाहें रहेंगी। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ