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Amroha News: जिले में 51 ब्लैक स्पाॅट, पांच साल में 1120 जानें गईं

Mon, 10 Mar 2025 01:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। नेशनल हाईवे समेत जिलेभर की सड़कों पर ब्लैक स्पॉट की भरमार है। आंकड़ों को देखें तो जिले में 51 स्थान ऐसे हैं, जहां सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं। 62 किलोमीटर लंबे हाईवे पर चौधरपुर पुल, बुढ़नपुर, कांकाठेर ढाल और चौपला चौराहे पर सबसे ज्यादा हादसे हुए और लोगों ने जान गवाई हैं। इतना ही नहीं जिले में अन्य सड़कों का भी हाल बुरा है। पंद्रह ऐसे स्थान है, जहां पांच सालों में 10 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। हरियाना गांव के पास सड़क किनारे और श्योनाली जियारत सहित जिले की अन्य सड़कों पर भी पांच या उससे अधिक गंभीर हादसे हुए हैं। बीते जनवरी माह में 26 हादसों में 13 लोगों की जान चली गई। अब एक बार फिर सड़कों को ब्लैक स्पॉट सुधारने के लिए राज्य सरकार ने पीडब्ल्यूडी को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सड़कों के ब्लैक स्पॉट ठीक करने और इनके प्रति लोगों को जागरूक करने को कहा है।
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पुलिस आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच सालों में जिले की सड़कों पर 1693 हादसे हुए, जिनमें 1107 लोगों की जान चली गई, जबकि, 586 लोग घायल हो गए। अधिकारियों की टीम ने सबसे ज्यादा हादसे होने वाले स्थान का थानेवार निरीक्षण किया था। इसके बाद 51 स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चुना गया। हालांकि जिलेभर में इसके अलावा भी कई ऐसे स्थान है, जहां आए दिन हादसे हो रहे है। गजरौला क्षेत्र में नौ स्थानों पर सबसे अधिक 347 हादसे हुए हैं। इनमें सबसे अधिक जुबिलेंट फैक्टरी के सामने 16, कांकाठेर ढाल पर 14, गजरौला चौपला पर 12, अहरौला तेजवन गांव के सामने 10 हादसे हुए। डिडौली क्षेत्र में डिडौली पुल पर 21, चौधरपुर पुल पर 18, बुढ़नपुर के सामने 13, हरियाना गांव के सामने सड़क किनारे 12, श्योनाली जियारत के पास 10 हादसे हुए। रजबपुर क्षेत्र में वेंकटेश्वर विवि के सामने 13 और जीएमएस हॉस्पिटल के सामने आठ हादसे हुए। निरीक्षण में ये भी सामने आया कि हाईवे पर हादसे होने का मुख्य कारण लिंक रोड का होना, ओवर स्पीडिंग, अवैध कट, पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था नहीं होना है। इसके अलावा संकेतक, रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड, कैट आई और स्पीड ब्रेकर का न होना हादसे का कारण बना। गलत दिशा में वाहन चलाने, अवैध पार्किंग होना, रोड साइड से खराब वाहन न हटना, सामने छुट्टा पशुओं का आ जाना भी हादसे के कारणों में शामिल है। अधिकारियों की माने तो हाईवे निर्माण के बाद कई स्थानों पर ब्लैक स्पॉट खत्म हो गए हैं। अब पीडब्ल्यूडी एनएचएआई, सड़क सुरक्षा समिति और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम सबसे अधिक हादसों वाली जगहों को ब्लैक स्पॉट निर्धारित करने में जुटे हैं।

हादसे रोकने के लिए यह जरूरी
संकेत एवं रिफ्लेक्टर का होना, डिवाइडर का ऊंचा होना, स्पीड ब्रेकर और कैट आई का होना, बैरिकेडिंग लगाना, स्ट्रीट लाइट का लगाना, छुट्टा पशुओं को सड़क पर आने से रोकना।
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इन स्थानों पर हुए पांच या उससे अधिक हादसे
आड़कों के मुताबिक छावी मिलक में 5, लालूनगला, 5, मीरा सराय चौराहा 5, कुमखिया गांव के सामने 7, लकड़हैट पेट्रोल पंप के सामने 5, पीला कुंड रोड पर 5, जेके डेयरी हसनपुर रोड 7, पक्के पुल के पास 6, यूएस कट 6, कुमराला चौकी तिराहा 5, कैसरा 9, रिलायंस पेट्रोल पंप धनौरा 7, सम्राट होटल के सामने 8, गुरेठा भट्ठा गवां रोड 6, दौरारा गांव के सामने 7, चंदनपुर ईंट भट्ठे के सामने 6, भकनपुर गांव में 9, उझारी पेट्रोल पंप के सामने 8, अंबर बैंक्वट हॉल उझारी 7, हसनपुर संभल अड्डा चौराहा 7 शाहपुर कलां में 7, तीसरा मील के पास 7, मंगरौला में 6, अकबर बरस फैक्टरी के सामने 7, हाईवे पुल के ऊपर जोया 7, पैरामाउंट फैक्टरी के सामने चौधरपुर 7, जिवाई पुलिस चौकी के सामने 6, अम्हेड़ा ज्यारत के सामने 6, डिडौली के सामने 5, सिवौरा मोड़ पर 5 और प्रकाश वूलन फैक्टरी के सामने 5 हादसे हुए हैं।

जनवरी माह में 26 हादसों में 13 लोगों की हुई मौत
पुलिस और पीडब्ल्यूडी के आकड़ों की माने तो जनवरी 2025 में 26 सड़क हादसे हुए हैं। जिसमें 13 लोगों की मौत हुई है। इससे पहले जनवरी 2024 में 26 सड़क हादसे हुए थे, जिसमें 14 लोगों की मौत हुई थी।

हादसा होने के बाद टीम को मौके पर जांच करनी होती है। लेकिन, हादसे के बाद टीम मौके पर जाकर जांच नहीं करती। यही बात है कि जिले के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने में परेशानी होती है।- अनिल कुमार जग्गा, सदस्य सड़क सुरक्षा समिति अमरोहा

पिछले सालों में जिले में 13 ब्लैक स्पॉट थे। हाईवे का निर्माण होने के बाद पीडब्ल्यूडी के कुछ ब्लैक स्पॉट खत्म हो गए हैं। दोबारा से ब्लैक स्पॉट पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई को निर्धारित करने हैं। इससे हमारा कोई लेनादेना नहीं हैं।- महेश शर्मा एआरटीओ, प्रवर्तन अमरोहा
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