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Amroha News: दुनिया उजाले में, आजादी के बाद भी आजादपुर में अंधेरा

Wed, 09 Jul 2025 01:59 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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गजरौला (अमरोहा)।
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आजादपुर माफी गांव के लोग को अभी तक बिजली का इंतजार है जहां एक और दुनिया उजाले में है। वहीं आज भी इस गांव के लोग बल्ब की रोशनी की बाट जोह रहे हैं। ग्रामीण रात में दीपक से रोशनी करते हैं। गांव के बच्चे लालटेन व मोमबत्ती के सहारे ही अपनी पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को जिला पंचायत अध्यक्ष, हसनपुर विधायक, अधिशासी अभियंता से गुहार लगाई, लेकिन किसी ने गांव में विद्युतीकरण पर ध्यान नहीं दिया।


पहले कांकाठेर ग्राम पंचायत का मझरा रहा आजादपुर माफी अब ख्यालीपुर ढाल ग्राम पंचायत में पड़ता है। यह गांव हाईवे किनारे बसा है और इसकी आबादी करीब दो हजार है लेकिन आजादी के बाद आज भी यह गांव बिजली से वंचित है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में शादियों में फ्रिज, वासिंग मशीन, टीवी, कूलर सहित बिजली के उपकरण तो मिल गए है लेकिन बिजली न होने से सभी शोपीस बनकर रहे गए है। आज भी गांव के लोगों को उजाले के लिए लालटेन, दीपक या मोमबत्ती जलानी पड़ती है।
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सोमवार सुबह गांव के हरिओम सिंह, महेंद्र सिंह, भीमसेन, रोहताश, मुकेश कुमार, कलावती, हरीशा, जयवती, रघुवीर सिंह, इंद्रपाल सिंह आदि ग्रामीणों ने विद्युतीकरण के लिए आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि गांव के बराबर से ही बिजली की लाइन गुजर रही है लेकिन गांव के लोग बिजली को तरस रहा है। (संवाद)



कई बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं

ग्रामीणों के मुताबिक वह गांव में बिजली लाने को लेकर जिला पंचायत ललित तंवर, हसनपुर विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी, बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता से गुहार लगाई लेकिन अभी तक गांव में बिजली नहीं आ सकी है। गांव में युवकों की शादी में मिले बिजली के उपकरण नहीं चल पाते। गांव के अमित कुमार की शादी एक महीना पहले हुई। शादी में मिली वाशिंग मशीन एक बार भी नहीं चली। गांव में विद्युतीकरण नहीं होने के कारण ग्रामीणों के लिए फ्रिज, कूलर, पंखा आदि बंद ही रखे हैं।



- वर्जन



मैं कक्षा 12वीं में पढ़ता हूं। बिजली नहीं होने के कारण दिन छिपते ही गांव अंधेरे के आगोश में आ जाता है। रात को पढ़ाई करने के लिए मोमबत्ती जलानी पड़ती है। - अमित कुमार, कक्षा 12
- पिता 15 दिन के लिए मोमबत्ती खरीद कर ले आते हैं। जिससे उनकी पढ़ाई अंधेरे के कारण प्रभावित न हो लेकिन मोमबत्ती की रोशनी में सही से पढ़ाई नहीं हो पाती है। जल्द ही गांव में बिजली आनी चाहिए। - जेके कुमार, कक्षा आठ



- स्कूल में जो काम दिया जाता है, उसे दिन में ही कर लेते हैं। दिन छिप जाने के बाद अंधेरे में पढ़ाई अच्छी नहीं हो पाती। मोमबत्ती से ज्यादा देर तक पढ़ाई करने पर आंखों में जलन होने लगती है। - उमेश कुमार, कक्षा नौ



- गांव में बिजली न होने से खासी दिक्कत होती है। पहले में डिबिया जलाकर पढ़ाई करती थी लेकिन अब डिबिया के लिए मिट्टी का तेल नहीं मिलता। इस कारण अंधेरा दूर करने के लिए मोमबत्ती का इंतजाम करना पड़ता है। - आकांक्षी, कक्षा आठ



- आजादपुर माफी ख्यालीपुर ढाल ग्राम पंचायत का मझरा है। इसकी आबादी करीब दो हजार है। गांव में अभी तक बिजली नहीं है। कई बार इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। - गजराज सिंह, ग्राम प्रधान, ख्यालीपुर
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- कोई गांव विद्युतीकरण से वंचित है, यह बड़ी हैरत की बात है। वह मंगलवार को दिखवाएंगे। विद्युतीकरण नहीं पाया गया तो जल्द ही बिजली की लाइन खींचवाई जाएगी। -नीरज कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड गजरौला
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