मामले में पुलिस ने मुरादाबाद नंबर ट्रैक के आगे चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं, मजिस्ट्रेट की अनुमति मिलने के बाद रात में ही कांस्टेबल और उनकी पत्नी के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद पर परिजन दोनों शवों को अपने साथ मुजफ्फरनगर ले गए और सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है।
मुजफ्फरनगर के खतौली थानाक्षेत्र के गांव गालिबपुर निवासी रिटायर्ड चिकित्सक रियाज जैदी के बेटे जव्वाद जैदी साल 2011 में यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वर्तमान में वह खुफिया विभाग की विशेष अभिसूचना शाखा में अमरोहा ऑफिस में हेड कांस्टेबल थे। मुहर्रम के मौके पर जावेद पांच जुलाई को छुट्टी लेकर घर गए थे। रविवार रात मुहर्रम निपटने के बाद सोमवार को वह कार से गांव से अमरोहा लौट रहे थे। जव्वाद कार खुद चला रहे थे जबकि बगल वाली सीट पर उनकी पत्नी उरुस जैदी और पीछे की सीट पर उनके दो बेटे फहाम और अली कियान बैठे थे।
उनकी कार हाईवे पर केंद्रीय सेवा एवं वस्तु कर कार्यालय के सामने पहुंची थी कि आगे चल रहे अनाज लदे ट्रक चालक के अचानक ब्रेक लगाने पर उनकी कार उसमें घुस गई। पुलिस लोगों की मदद से चारों घायलों को सीएचसी लेकर पहुंची जहां चिकित्सकों ने जव्वाद जैदी, उनकी पत्नी उरुस जैदी को मृत घोषित कर दिया गया था।
दोनों बेटों को अस्पताल में चल रहा इलाज
एसपी अमित कुमार आनंद ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अस्पताल में भर्ती दोनों बच्चों का हाल जाना था। फिलहाल, मृतक हेड कांस्टेबल जव्वाद जैदी के दोनों बेटों का इलाज डिडौली स्थित निजी अस्पताल में चल रहा है। जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि मामले में मृतक जव्वाद जैदी के बड़े भाई काशिफ की तहरीर पर मुरादाबाद नंबर ट्रैक के अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया है कि ट्रक चालक ने लापरवाही से ब्रेक लगाए थे, जिस कारण पीछे से आ रहे हेड कांस्टेबल की कार घुस गई और हादसा हो गया था।