अमरोहा। ब्याज पर उधार लिए डेढ़ लाख रुपये नहीं चुकाने के लिए की गई महिला की हत्या को अभी तक क्षेत्र के लोग नहीं भूल पाए है। पड़ोसी ने ही पत्नी, बेटे और बहू के साथ मिलकर महिला को मौत के घाट उतार दिया था। साथ ही शव को टॉयलेट के टैंक में छिपा दिया था। वारदात होने के बाद दो साल में ही हत्या के दोषी दंपती और उनके बेटे व बहू को उम्रकैद की सजा हो चुकी है।
यह वारदात तीन साल पहले रजबपुर थानाक्षेत्र के फैयाजनगर गांव में हुई थी। गांव निवासी किसान वेदपाल सिंह की पत्नी राजेश देवी सात दिसंबर 2021 को लापता हो गई थीं। उनका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। परिजनों ने रजबपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। महिला के नहीं मिलने पर परिजनों ने एसपी कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया था और घर के सामने ही रहने वाले परिवार पर शक जताया था।
इसके बाद पुलिस ने पड़ोसी देवी जाटव को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ में पुलिस देवी जाटव द्वारा घर के आंगन और पशुशाला में ईंटें बिछवा कर कुछ काम करवाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने देवी को साथ लेकर घर के एक हिस्से में ईंटें हटवाकर खुदाई कराई तो शौचालय का टैंक मिला था। करीब दस फीट गहरे टैंक को चेक किया तो उसमें राजेश देवी का शव पड़ा था। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ पुलिस ने देवी को गिरफ्तार कर लिया।
मृतका के पति की तहरीर पर देवी जाटव, उसकी पत्नी सर्वेश, बेटा सुनील और पुत्रवधू मनीषा को भी हत्या में नामजद किया था। पुलिस की जांच में सामने आया था कि मृतका राजेश देवी ने अपने परिजनों को बताए बिना आरोपी देवी को डेढ़ लाख रुपये उधार दिए थे। उधार दी इस रकम पर राजेश ने ब्याज तय किया था। छह दिसंबर 2021 को राजेश देवी उधार दी धनराशि और ब्याज वसूली के लिए देवी के घर गईं तो उसने गला दबाकर हत्या कर दी। शव को टॉयलेट के टैंक में छिपाकर उसके ऊपर स्लैब डालकर पहले मिट्टी डाली और ईंटें बिछाकर फर्श बना दिया था।
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दिसंबर 2023 में कोर्ट ने सुनाई थी सजा
डेढ़ लाख रुपये हड़पने के लिए राजेश देवी की हत्या कर उनके शव को घर के आंगन में टॉयलेट के टैंक में छिपाने वाले देवी, उसकी पत्नी सर्वेश, बेटा सुनील और पुत्रवधू मनीषा को 12 दिसंबर 2023 को जिला जज की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। चारों पर एक लाख साठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। कोर्ट ने चारों की राजेश देवी की हत्या कर साक्ष्य छिपाने का भी दोषी माना था। जिस समय सजा सुनाई गई उस दौरान दोषी सर्वेश और उसकी पुत्रवधू मनीषा जमानत पर जेल से बाहर थीं। जबकि देवी और उसके बेटे सुनील को जमानत नहीं मिली थी। कोर्ट का फैसला आने के बाद दोषी सास-बहू को भी हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया था।
दोषी देवी और मृतका के घर के बीच 10 फीट का फासला
दोषी देवी और मृतका के घर के बीच केवल 10 फीट का फासला है। देवी मूलरूप से अतरासी का रहने वाला था। वह वर्ष 2019 में फैय्याज नगर गांव में आकर बसा गया था। आपराधिक प्रवृत्ति का होने के कारण उसे अपना पैतृक गांव छोड़ना पड़ा था। फैय्याज नगर गांव में भी उसकी छवि ठीक नहीं थी। देवी रंगाई पुताई का काम करता था। उसने घटना के कुछ दिन पहले राजेश देवी से डेढ़ लाख रुपये ब्याज पर लिए थे।
बेटी की हत्या के शक को लेकर भी चर्चा में आया देवी
महिला की हत्या कर टॉयलेट के टैंक में शव छिपाने वाले देवी पर अपनी बेटी की हत्या के शक का मामला सामने आया। पुलिस का दावा था कि स्थानीय लोगों ने पूछताछ के दौरान बताया कि देवी ने कुछ दिन पहले अपनी बेटी की हत्या कर दी थी। लेकिन खुद पीड़ित होने के कारण वह बच गया था।
मृतका की आखिरी फोन कॉल से खुला था हत्या का राज
सात दिसंबर 2021 को राजेश देवी अचानक घर से लापता हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने आठ दिसंबर को रजबपुर थाने में गुमशुदगी की दर्ज कराई थी। पुलिस ने राजेश देवी के फोन की कॉल डिटेल निकाली तो आखरी कॉल देवी जाटव को किया गया था। इसके बाद पुलिस का शक देवी जाटव पर पहुंचा। हिरासत में लेकर पूछताछ के दौरान भी देवी जाटव कुछ बताने को तैयार नहीं था। इसके बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष सुनील मलिक ने देवी जाटव के घर पहुंचे और पहले कमरों के फर्श की खुदाई कराई। लेकिन यहां कुछ नहीं मिला। बाद में घर के आंगन को खुदवाया गया। इस दौरान टॉयलेट के टैंक में राजेश देवी का शव बरामद हुआ था। पुलिस ने इस मामले में 25 गवाह तैयार किए थे।
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दोषी ने पड़ोसियों के हत्या में शामिल होने की बात कहकर किया था गुमराह
पुलिस की पूछताछ के दौरान देवी ने गांव के ही रहने वाले पड़ोसी दो अन्य लोगों के हत्या में शामिल होने की बात कहकर सभी को अचंभित कर दिया था। इसके आधार पर पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया था लेकिन जब हकीकत सामने आई तो गांव के लोग हैरान रह गए। पुलिस ने दावा किया था कि मृतक महिला जाट थी। इसलिए देवी दो जाट लोगों को अपने साथ आरोपी बनाने की फिराक में था। जिससे जाट बिरादरी होने के नाते मुकदमे में समझौता हो सके। जबकि देवी, उसकी पत्नी सर्वेश, बेटा सुनील और पुत्रवधू मनीषा ने राजेश देवी के शॉल से गला दबाकर हत्या की थी। बाद में शव को टॉयलेट के टैंक में छिपा दिया था।