अमरोहा। मौलाना मुफ्ती दानिश कादरी ने रसूले खुदा की सुन्नतों पर अमल करने की ताकीद की। बच्चों की तरबियत और परवरिश पर विशेष ध्यान देने को कहा।
शब-ए-बरात के सिलसिले में मुस्लिम कमेटी के तत्वावधान में मोहल्ला कोट स्थित अनार वाली ज्यारत पर बृहस्पतिवार रात आयोजित महफिल-ए-शबे नूर में कारी मोहम्मद आसिम व कारी मोहम्मद कासिम ने तिलावते कुरान-ए-पाक से किया।
इंटरनेशनल सूफी मिशन दिल्ली के चेयरमैन डाॅ. माजिद देवबंदी, मौलाना साद अमरोहवी, हाफिज शमीम अमरोहवी, नबी हुसैन व कारी अब्दुल्ला ने बारगाहे रिसालत में नातिया कलाम पेश किया। मुरादाबाद से आए मौलाना मुफ्ती दानिश कादरी ने कहा कि शब-ए-बारात ही नहीं बल्कि शाबान का पूरा महीना अफजल है। अल्लाह के रसूल फरमाते हैं कि शाबान मेरा महीना है।
मुफ्ती जकवान ने कहा कि इस्लाम के मायने अमन व सलामती है। आज पूरी दुनिया को अमन, इत्तेफाक और भाईचारे की जरूरत है।
मुफ्ती रिफाकत हुसैन ने कहा कि इस्लाम अल्लाह का सबसे पसंदीदा दीन और मजहब है। दारुल उलूम सैय्यद-उल-मदारिस के उस्ताद सैय्यद कौसर मुज्तबा ने भी विचार रखे। जलसे की अध्यक्षता मदरसा जामा मस्जिद के मोहतमिम सैय्यद जाकिर हुसैन व संचालन हाजी खुरशीद अनवर ने किया। मुफ्ती दानिश कादरी ने दुआ कराई। इस दौरान मास्टर असलम उस्मानी, सरताज आलम मंसूरी, मंसूर अहमद एडवोकेट, महबूब हुसैन जैदी, हाजी अब्दुल कय्यूम राईनी, सैय्यद उवैस मुस्तफा रिजवी, डॉ.सिराजुद्दीन हाशमी, फहीम शाहनवाज आदि मौजूद रहे।