बुधवार को दरगाह में कुल शरीफ को लेकर अकीदतमंदों में सुबह से ही जोश और जज्बा देखा गया। दरगाह पर पालिकाध्यक्ष शशि जैन, पूर्व अध्यक्ष अतुल कुमार जैन, निखिल जैन, मोनू यादव, दरगाह मुतावल्ली हसन शुजा नकवी, नवेद अयाज, दरगाह मियां मौज के सज्जादानशीन हादी मियां जाफरी, दरगाह बाबा फरीदी रजबपुर के सज्जादा नशीन सलीम फरीदी व हकीम औसाफ समेत सैकड़ों अकीदतमंदों ने दरगाह पहुंच कर चादरपोशी की। दरगाह कमेटी की ओर से मेहमानों की दरस्ताबंदी कराई गई। सुबह से शुरू हुआ लंगर देर रात तक चलता रहा।
कुल शरीफ में मौलाना तौहीद रजा ने मुल्क व कौम की तरक्की और खुशहाली के लिए दुआ कराई। इस दौरान कामिल सिद्दीकी, महबूब हुसैन जैदी, तबारक अली, सूफी निशात सिद्दीकी, नईम रजा, अख्तर अब्बास अप्पू, मुख्तार नकवी, हकीम जर्रार, सैय्यद उवैस मुस्तफा रिजवी आदि मौजूद रहे।
कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर बांधा समां
अमरोहा। बुधवार को कुल शरीफ से पहले दरगाह के पंडाल में महफिले समा का आयोजन किया गया। कव्वालों ने एक के बाद एक बेहतरीन कव्वाली गाकर समा बांध दिया। दमादम मस्त कलंदर पर अकीदतमंद झूम उठे। वहीं, उर्स के आखिरी दिन दरगाह परिसर में लगे मेले में भी रौनक रही। जायरीन ने दरगाह में मुरादे मांगने के बाद मेले में पहुंचकर जमकर खरीदारी की। महिलाओं ने जहां चाट पकौड़ी का लुत्फ उठाया तो वहीं बच्चों ने खेल-खिलौनों लिए और झूलों व तमाशों का आनंद लिया। सुरक्षा के लिहाज से प्रभारी निरीक्षक पंकज तोमर, मेला प्रभारी सुधीर कुमार पुलिसबल के साथ मुस्तैद रहे।