बर्फीली हवाओं से मौसम सर्द हो गया है। पल-पल रंग बदल रहे मौसम ने किसानों की धड़कने बढ़ा दी हैं। कुछ दिनों पहले सर्दी कम होती नजर आ रही थी कि इधर पहाड़ों पर बर्फबारी और बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाके पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। सुबह-शाम कड़ाके की ठंड से गलन फैल रही है। आगामी चार दिन कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है।
पिछले तीन से जिले में सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए है। आसमान में बादल छाए हुए हैं। कभी-कभी सूर्यदेव बादलों के बीच अठखेलियां करते जरूर दिख रहे हैं। रविवार को कोहरे और बर्फीली हवाओं ने जमकर कहर बरपाया। दिन में धूप नहीं खिली। रात में तो लोग ठिठुरते रहे। हाथ-पांव सुन्न पड़ने से जीना दुश्वार हो गया। अवकाश के चलते घरों में कैद रहे। शाम होते-होते फिर से सर्दी बढ़ने लगी, आधी रात तक ठंड पूरे चरम पर पहुंच गई। जिला कृषि अधिकारी राजवी कुमार ने बताया कि रविवार का अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री रिकार्ड किया गया। अगले चार दिन तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। इस मौसम में आलू व अन्य सब्जी की फसल को रोग लगने की संभावना है। हालांकि यह मौसम गेहूं की फसल के लिए नुकसान दायक नहीं हैं।
मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है कि इन दिनों बारिश हुई तो नुकसान के सिवाय कोई लाभ नहीं होगा। बारिश के साथ तेज हवा चलेगी। इससे सरसों की फसल गिर जाएगी। आलू, मटर समेत अन्य फसलों को बारिश से नुकसान होगा। बारिश के साथ ओलावृष्टि होने का खतरा बना रहता है। बारिश न हो तो अच्छा है।