ठेका सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म न होने से कस्बे में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। कई दौर की वार्ताओं के बाद भी पालिका प्रशासन हड़ताल खत्म करने में नाकाम साबित हुआ है। अब हड़ताल पर बैठे सफाईकर्मियों की सेवा समाप्त करने की तैयारी शुरू कर दी है।
नौगांवा सादात में सफाई का ठेका किसी स्थानीय फर्म को देने की मांग को लेकर ठेका सफाईकर्मी पिछले नौ दिनों से हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि स्थानीय ठेकेदार के बिना वह बाहरी फर्म के लिए काम नहीं करेंगे। पहले भी बाहरी फर्म सफाईकर्मियों को ईपीएफ का करीब 19 लाख रुपये का गबन कर चुकी है। अभी तक उसका भुगतान भी उन्हें नहीं मिल पाया है। सफाईकर्मियों के हड़ताल पर जाने के कारण कस्बे में सफाई की व्यवस्था पूरी तरह गड़बड़ा गई है। नियमित सफाई न होने के कारण गली मोहल्लों व मुख्य सड़कों पर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं।
सफाईकर्मी कस्बे की सफाई के लिए किसी स्थानीय फर्म को ठेका दिए जाने की मांग कर रहे हैं। एसडीएम व ईओ हड़ताल खत्म करने को उनके साथ कई दौर की वार्ता कर चुके हैं, लेकिन वह किसी भी कीमत पर हड़ताल खत्म करने को राजी नही हुए। अब सफाई व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए प्रशासन ने भी सख्ती शुरू कर दी है। एसडीएम बृजपाल सिंह ने ठेकेदार को सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए हड़ताल पर गए ठेका सफाई कर्मियों की सेवा समाप्त कर दूसरे सफाई कर्मियों की भर्ती करने के निर्देश दिए हैं।