गजरौला (अमरोहा)। ब्रजघाट और हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की सेवा के लिए राणापुर के लोग करीब नौ साल से शिविर लगा रहे हैं। वह चंदा जुटाकर शिविर के लिए सामान खरीदते है। बृहस्पतिवार से शिविर लगाने का काम शुरू हो गया है। 22 जुलाई तक उनका शिविर लगा रहेगा।
बुलंदशहर के स्याना तहसील का राणापुर गांव के मवासी सिंह, वीरेंद्र सिंह उर्फ बिल्लू, दीपचंद, रूप सिंह, राम सरन सिंह आदि ने बताया कि पहले उनके पूर्वज कांवड़ियों की सेवा के लिए मार्ग में शिविर लगाते थे। जिनसे उनको भी प्रेरणा मिली। वह मोहम्मदाबाद या ब्रजघाट के पास शिविर लगाते थे लेकिन इस बार अंडरपास बन जाने से कांवड़ियों का रूट बदल गया है।
इस कारण दिल्ली से मुरादाबाद जाने वाले वाहनों की लेन की ओर हाईवे से दूर शिविर लगाने की अनुमति मिली। वह बृहस्पतिवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य वाहनों से समान लेकर आए और शिविर लगाने का काम शुरू कर दिया।
हलवाई को लेकर आए है साथ
सुशील, नेमपाल, अनुज कुमार व स्थानीय निवासी शेर सिंह राणा ने बताया कि शिविर में कांवड़ियों के लिए खाना व नाश्ता बनाने के लिए वह हलवाई लेकर आए हैं। उनके शिविर में करीब 200 कांवड़िये ठहर सकते हैं। शिविर में बिजली की लाइन नहीं है। साथ ही कोई चार्जिंग के लिए भी कट नहीं है। जेनरेटर से बिजली का इस तरह इंतजाम किया जाएगा। शिविर में आग बुझाने के भी इंतजाम हैं। शुक्रवार सुबह से कांवड़ियों के लिए भोजन, चाय-नाश्ता आदि की व्यवस्था हाे जाएगी।