गजरौला। नगर पालिका ने औद्योगिक क्षेत्र को यूपीसीडा में जाने के बावजूद रोशन करने के लिए काम शुरू कर दिया है। पालिका प्रशासन ने फैक्टरी इलाके के दोनों फेस में करीब 200 खंभे लगवा दिए हैं। जल्द ही इन पर लाइट लगाई जाएंगी।
वर्ष 1985 में गजरौला जब ग्राम पंचायत था। उस दौर में गजरौला और उसके आसपास के गांव नाईपुरा व तिगरिया भूड़ में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का सिलसिला शुरू हुआ। उनके विकास के लिए औद्योगिक फेस-1 और औद्योगिक फेस-2 विकसित की गईं। दोनों फेस में रोशनी, सड़क, जल निकास के लिए नाला आदि सुविधाएं मुहैया कराने का जिम्मा यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) पर था।
28 मई 2020 तक दोनों फेस का औद्योगिक क्षेत्र का उसके अधीन रहा था। इसके बाद उसने औद्योगिक इकाइयों का क्षेत्र नगर पालिका को हस्तांतरित कर दिया। पालिका दोनों फेस में आने वाली औद्योगिक इकाइयों से संपत्ति कर वसूल करती थी जिसकी 60 प्रतिशत धनराशि औद्योगिक क्षेत्र में जबकि 40 फीसदी रकम नगर में खर्च करने का प्रावधान है। सितंबर 2024 मे यूपीसीडा ने नगर पालिका पर औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्य न कराने का आरोप लगाते हुए औद्योगिक क्षेत्र पालिका से वापस ले लिया।
मगर पालिका औद्योगिक इकाइयों से संपत्ति कर वसूल कर चुकी थी जिसका 60 प्रतिशत उसे औद्योगिक क्षेत्र में ही खर्च करना है। उसने यूपीसीडा से कहा कि औद्योगिक क्षेत्र का अंधेरा दूर करने के लिए पालिका 200 स्ट्रीट लाइट लगवाएगी। उसने इस पर काम भी शुरू कर दिया है। 200 पोल लगवा दिए हैं। प्रत्येक पोल पर 90 वाट की स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी जिस पर 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पालिकाध्यक्ष राजेंद्री उर्फ उमा देवी व ईओ ललित कुमार आर्य ने बताया कि खंभे लगा दिए गए हैं। स्ट्रीट लाइट लगाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा।