अमरोहा। अंजुमन तहफ्फुजे अजादारी के तत्वावधान में नौ मोहर्रम का जोड़ियों का जुलूस मोहल्ला बड़ा दरबार स्थित अजाखाना शम्स अली खां से बरामद हुआ। जिसमें हजारों की तादाद में लोगों ने शिरकत की। उधर, जुलूस में शामिल अजादारों ने जंजीरों और अंगारों पर चलकर मातम मनाया। इस दौरान या हुसैन कीं सदाएं गूंजती रहीं।
शनिवार शाम को जोड़ियों का जुलूस बरामद हुआ। इससे पहले मजलिस का आयोजन किया गया, जिसमें मौलाना ने कर्बला का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने अपने भरे घर को दीन और इंसानियत की खातिर कुर्बान कर दिया। यहां तक कि अपने छह माह के छोटे बच्चे हजरत अली असगर की भी शहादत पेश की, जिसे सुनकर अजादारों ने मातम बरपा किया।
मजलिस के बाद नौहा ख्वानी की गई। जोड़ियों के पीछे अजादार मशहूर मुनाकिब ए दोस्त इब्ने साकिये कौसर हुसैन हैं, पढ़ते हुए चल रहे थे। जोड़ियों का जुलूस मोहल्ला मंडी चौब स्थित इमामबाड़ा मोहम्मद युसूफ से बड़ा बाजार, जट बाजार होते हुए मोहल्ला कटकुई स्थित इमामबाड़ा दोस्त अली पहुंचकर संपन्न हुआ। अजादारों ने नजर-ए-हुसैन पेश करते हुए जोड़ियों को खास मकाम पर रख दिया। जुलूस में सबसे आगे हुसैनी बाजा बज रहा था। इसके पीछे अजादार जोड़ियां लेकर चल रहे थे।
जुलूस का जगह-जगह फूल मालाओं से स्वागत किया गया। जुलूस का संचालन अंजुमन-ए-असगरी ने किया। डीएम की ओर से अंजुमन तहफ्फुजे अजादारी समिति के नामित सदस्य लियाकत अली, बाकर रजा, नदीम नकवी, कासिम जैदी, गुलाम सज्जाद, खुर्शीद हैदर जैदी, इमदाद आबिदी, मुजाहिद अब्बास नकवी आदि मौजूद रहे।