अमरोहा। बदलते मौसम में शहर से देहात तक कुत्तों और बंदरों का आतंक बढ़ रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल समेत सरकारी अस्पतालों में 454 लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई। इनमें 214 लोग ऐसे रहे, जो पहली बार वैक्सीन लगवाने पहुंचे। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी रही।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुत्तों के काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के झुंड से लोग परेशान हैं। रात में कुत्ते महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के पीछे दौड़ते हैं। बाइक सवारों के पीछे दौड़ने से कई लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद कुत्तों की धरपकड़ के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। नागरिकों ने अभियान चलाने की मांग की है।
जिला अस्पताल में 10 लोगों को पहली और 50 को दूसरी डोज लगी। अमरोहा सीएचसी में 33 को पहली और 22 को दूसरी डोज दी गई।
गजरौला : सीएचसी में 92 लोगों को इंजेक्शन लगाया गया। 25 को दूसरी खुराक दी गई। सीएचसी प्रभारी डॉ. पल्लवी गंगवार ने सावधानी बरतने की अपील की।
मंडी धनौरा : सरकारी अस्पताल में 83 लोगों को इंजेक्शन लगाया गया। इनमें 44 कुत्ते और 25 बंदर के काटने से पीड़ित थे। प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल कुमार ने बताया कि 35 को पहली और नौ को दूसरी खुराक दी गई। पिछले सप्ताह गांव पेलीतगा में बंदरों से बचने के दौरान छत से गिरकर बुजुर्ग रईस अहमद की मौत हो गई थी।
जोया : सीएचसी में 20 नए मरीजों को पहली, जबकि 56 को दूसरी और तीसरी डोज दी गई। आवारा कुत्तों के झुंड से क्षेत्र में दहशत है।
हसनपुर : सीएचसी में 91 लोगों को डोज दी गई। इनमें 32 नए मरीज थे। सीएचसी प्रभारी डॉ. ध्रुवेंद्र सिंह ने बताया कि घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद वैक्सीन दी जा रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
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ग्राम पंचायत और नगर निकायों को निर्देश दिए हैं कि कुत्तों को रैबीज के इंजेक्शन लगवाएं और उनकी नसबंदी कराएं। अमरोहा में एनिमल बर्थ कंट्रोल यूनिट का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। बंदरों के लिए भी वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. नितिन गौड़, डीएम