जिले में शिकायतों के बाद डीएम ने राशन डीलरों को मिलने वाले राशन की जांच कराई थी। जिसमे जांच के दौरान कई बड़ी गड़बड़ियां सामने आई थी। कोटेदारों को ही गोदाम से राशन कम मिल रहा था। प्रत्येक बोरे का 700 ग्राम वजन कोटेदारों को समायोजित कर नहीं दिया जा रहा था। इस तरह से करीब हर माह 23 लाख रुपये का राशन कोटेदारों को ही कम मिल रहा था।
इस पर डीएम निधि गुप्ता वत्स ने डीएसओ रीना सिंह का जबाव तलब किया था। जिस पर डीएसओ ने डीएम को अपना स्पष्टीकरण सौंपा, लेकिन उनके गोलमोल जबाव से डीएम संतुष्ट नहीं हुई। डीएम ने उन्हें फिर से अपना स्पष्टीकरण देने को कहा, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी डीएसओ ने डीएम को अपना स्पष्टीकरण नहीं सौंपा है।
13 मई को कलक्ट्रेट में आयोजित हुई दिशा की बैठक में सांसद कंवर सिंह तंवर ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था इससे शासन में भी अमरोहा की छवि धूमिल हुई है। विभाग की और से इसमें रिपोर्ट भी तलब की गई है। हालांकि मामले का खुलासा होने के बाद गोदाम प्रभारियों ने कोटेदारों से पूरा राशन मिलने का शपथ पत्र लेना भी शुरू कर दिया है।