अप्रैल के शुरुआत में ही धूप ने तल्खी दिखानी शुरू कर दी है। दिन चढ़ते ही सोमवार को गर्म हवाएं चलनी शुरू हो गई थीं। दोपहर होते-होते धूप झुलसाने लगी। अधिकतम तापमान बढ़कर 38.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में भीड़ कम दिखी।
अप्रैल माह के सात दिन में अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। दिनों दिन गर्मी का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। अप्रैल की शुरुआत में ही गर्मी का यह हाल है तो आने वाले दिनों में गर्मी क्या सितम बरपाएगी। सह सोचकर ही लोग चिंतित हैं।
अप्रैल में ही मई जैसी गर्मी पड़ने लगी है। धूप इतनी तेज है, थोड़ी देर धूप में निकलते ही सिर चकराने लगता है। धूप से बचने के लिए लोग कैप, छाता आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्षेत्र में पड़ रही गर्मी के चलते दोपहर के समय में बाद बाजार और मुख्य रास्तों पर आवाजाही कम हो जाती है। इससे बाजार में खरीदारी पर असर पड़ रहा है।
वहीं, गर्मी के चलते किसान व मजदूरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला कृषि अधिकारी बबलू सिंह ने बताया कि इस सप्ताह तापमान 40 डिग्री के पार तक जा सकता है। वहीं, मई-जून में 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। अभी रात में थोड़ी राहत है। हालांकि, दिन में धूप असहनीय हो गई है।
गेहूं की फसल पर भी दिख रहा गर्मी का असर
इस बार समय से पहले गर्मी के तल्ख तेवर की वजह से गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। इसका असर उत्पादन पर भी पड़ेगा। किसानों का कहना है कि इस बार गेहूं की फसल अच्छी थी, लेकिन अचानक बढ़े तापमान का असर फसल पर पड़ा है। पछेती गेहूं की फसल जल्द पक गई और दाना भी पतला होने के कारण किसानों को काफी नुकसान है।