गजरौला। वन विभाग की टीम ने राज्य पशु बारहसिंहा अभ्यारण्य में मछली का शिकार कर ला रहे शिकारी को पकड़ लिया। उसका भाई भागने में कामयाब रहा। मछलियों से भरे 18 डिब्बे ई-रिक्शा में लदे हुए थे। मछलियां जाल फैलाकर मारी गई हैं या जहर देकर, लैब में जांच के लिए प्रत्येक डिब्बे से सेंपल भेजे जाएंगे।
वन दरोगा संतोष कुमार ने बताया कि रविवार को लोगों से शिकायत मिली कि कुछ लोग गंगा में मछली मारकर ला रहे हैं। जहां पर मछलियों को मारा गया है, वह क्षेत्र राज्य पशु बारहसिंहा अभ्यारण्य में आता है। जहां पर जलीय या वन्य जीव का शिकार करना प्रतिबंधित है। सूचना मिलते ही वह अपने स्टाफ दीन दयाल को साथ लेकर तिगरी की तरफ जा रहे थे। तिगरी में गंगा बांध पर एक ई-रिक्शा आता मिला। उसमें प्लास्टिक के 18 डिब्बे रखे हुए थे और दो लोग सवार थे। उनको देखते ही एक शख्स ई-रिक्शा से कूद कर भाग गया। जबकि थाना क्षेत्र के गांव सिहाली मेव निवासी अमित कुमार को पकड़ लिया। उसने भागे हुए आरोपी का नाम रोशन बताया। वह उसका सगा भाई है। डिब्बे के ढक्कन खोलकर देखे, उनमें चाल प्रजाति की मछलियां भरी हुई थीं। जिनका वजन करीब एक क्विंटल से अधिक हो सकता है। वह पकड़े गए आरोपी और मछलियों के डिब्बे लदे ई-रिक्शा को लेकर थाने आए। सूचना पाकर डिप्टी रेंजर मनोज कुमार भी थाने में पहुंच गए। प्रत्येक डिब्बे से मछलियों के सेंपल लिए। जिनको पशु चिकित्सालय भेजा। उनको जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। जिससे यह पता चल सके कि मछलियां जहर देकर मारी गई थीं या जाल फैलाकर। वन दरोगा ने बताया कि दोनाें भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई हैै। पकड़े गए आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।