अमरोहा। संभल जनपद के मिलक शाहपुर चमरान निवासी फर्नीचर कारोबारी जाबिर अली द्वारा शुक्रवार को दिल्ली स्थित आवास में खुदकुशी करने के मामले में कारोबारी के भाई ने डीएम से मुलाकात की। खुदकुशी के लिए एसडीएम सदर, मुरादाबाद निवासी एक शख्स और गाजियाबाद निवासी उसकी बहन को जिम्मेदार बताते हुए सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस बीच डीएम ने एसडीएम सदर के पद से विवेक यादव को हटा दिया है। कलक्ट्रेट में बतौर डिप्टी कलेक्टर कार्यरत विजय शंकर को अमरोहा सदर तहसील का नया एसडीएम बनाया है। अब विवेक यादव डिप्टी कलेक्टर की भूमिका में काम करेंगे।
दिल्ली में खुदकुशी करने वाले जाबिर ने मुख्यमंत्री के नाम तीन पेज की चिट्ठी छोड़ी थी। चिट्ठी में एसडीएम सदर पर आरोपी भाई-बहन से नजदीकी रिश्ते निभाते हुए अपने हक का दाखिल-खारिज निरस्त करने का आरोप लगाया था। चिट्ठी में लिखा था कि इस कारण अमरोहा के अम्हेड़ा में खरीदी जमीन पर वह अपनी फैक्टरी का काम आगे नहीं बढ़ा सके। जाबिर की खुदकुशी के बाद परिजनों ने दिल्ली के उत्तम नगर थाने में इन आरोपों पर केंद्रित तहरीर दी थी।
अब इन्हीं बिंदुओं को लेकर मंगलवार को जाबिर के भाई आकिल ने अमरोहा में डीएम से मुलाकात की। आकिल ने बताया कि डीएम बीके त्रिपाठी ने उन्हें न्यायसंगत कार्रवाई का भरोसा दिया है। उनके साथ महमूद अली भूरे और जिला पंचायत सदस्य नवाजिश अली भी मौजूद रहे।
जाबिर के परिजनों से मुलाकात के कुछ समय बाद ही डीएम ने विवेक यादव को एसडीएम सदर के पद से हटा दिया। डीएम बीके त्रिपाठी ने बताया कि एसडीएम विवेक यादव को एसडीएम के पद से हटाकर कलक्ट्रेट में डिप्टी कलक्टर बनाया गया है। अभी डिप्टी कलक्टर की भूमिका में कार्यरत विजय शंकर को अमरोहा सदर तहसील की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जाबिर के दाखिल-खारिज से जुड़े मामले की जांच पहले ही एडीएम को सौंपी जा चुकी है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर अगला निर्णय लिया जाएगा।
अम्हेड़ा की जमीन का है मामला
अमरोहा। फर्नीचर कारोबारी जाबिर अली ने अमरोहा जिले के अम्हेड़ा में फैक्टरी लगाने के लिए जमीन खरीदी थी। गाटा संख्या 730 के रूप में दर्ज इस जमीन पर फैक्टरी का कार्य शुरू कर रहे थे। आरोप है कि इस बीच मुरादाबाद के बारादरी निवासी एक शख्स और गाजियाबाद निवासी उसकी बहन ने फर्जी दस्तावेजों से जमीन पर कब्जे का प्रयास किया और उनके हक में होने वाले दाखिल-खारिज में अड़ंगा लगा दिया।
परिजनों के मुताबिक तहसीलदार के न्यायालय से जाबिर के पक्ष में फैसला आया था। तत्कालीन एसडीएम और कमिश्नर कोर्ट से भी जाबिर के पक्ष में फैसला आया था। बावजूद इसके एसडीएम सदर ने भाई-बहन से नजदीकी रिश्ते निभाते हुए जाबिर के हक में आया फैसला पलट दिया था।
परिजनों द्वारा दिल्ली में दी गई तहरीर में एसडीएम पर पांच लाख रुपये हड़पने का भी आरोप लगाया है। कहा है कि एसडीएम ने जाबिर से पांच लाख रुपये लिए लेकिन आदेश भाई-बहन के हक में कर दिया था। रकम वापस मांगने पर जेल भेजने की धमकी दी थी। संवाद
भाई-बहन पर कार्रवाई के लिए दिए साक्ष्य
अमरोहा। जाबिर के भाई का कहना है कि दाखिल-खारिज में अड़ंगा लगाने वाले शख्स के खिलाफ मुरादाबाद के नागफनी थाने में पांच केस दर्ज हैं। एक केस अमरोहा के डिडौली थाने में भी दर्ज है। उन्होंने प्रार्थना पत्र के साथ दर्ज केस के डिटेल साक्ष्य के तौर पर डीएम को सौंपे हैं। संवाद