हसनपुर/ मंडी धनौरा (अमरोहा)। आज के दौर में हर क्षेत्र में महिलाएं और बेटियां पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर आगे कदम बढ़ा रही हैं। चुनौतियों को पार करके महिलाएं व बेटियां हर मोर्चे पर खुद को साबित कर रही हैं। राजनीति, शिक्षा और खेलों के अलावा प्रशासनिक सेवाओं में इन्होंने बेहतर प्रदर्शन कर अपने जिले और क्षेत्र का मान बढ़ाया है। बेटियों ने न्यायिक, शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में मोर्चा संभालकर न सिर्फ अपने जिले का नाम रोशन किया है, बल्कि अपनी योग्यता का लोहा भी मनवाया है। उनकी उपलब्धि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है।
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प्रशासनिक क्षेत्र में बनाई पहचान
-हसनपुर के समाजसेवी मुकेश चौहान की पुत्री महिमा राजपूत वर्तमान में जनपद अलीगढ़ की कोल तहसील में एसडीएम के पद पर तैनात हैं। अपनी कार्यशैली और प्रभाव से वह महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभरी हैं। वह लगातार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। महिमा का मानना है कि दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी कार्य आसानी से किया जा सकता है।
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न्यायिक व्यवस्था में काम कर रही अक्षि गिल
-मंडी धनौरा के गांव मलहपुरा की रहने वाली अक्षि गिल भी नारी शक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वह सीतापुर जनपद में सिविल जज के रूप में कार्य कर रही हैं और न्यायिक व्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनकी सफलता से प्रेरणा लेकर अब क्षेत्र की अन्य बेटियां भी ऐसे बड़े मुकाम हासिल करने के लिए प्रयास कर रही हैं।
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-शिक्षा के क्षेत्र में नेतृत्व
-मंडी धनौरा के गांव शहजादपुर निवासी कल्पना सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में जिले का मान बढ़ाया है। फिलहाल वह रामपुर में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। कल्पना सिंह ने अधिकारी बनकर अपने क्षेत्र का मान बढ़ाया है। साथ ही एक सशक्त नारी शक्ति के रूप में अपनी अमिट छवि बनाने में भी सफल रही हैं।