नौगावां सादात। क्षेत्र के गांव पंजूसराय में मकान खाली कराने पहुंची बैंक टीम के सामने खुद को आग लगाने वाले सब्जी विक्रेता अशोक की हालत में अब सुधार बताया जा रहा है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के बर्न यूनिट में उसका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार अब उसकी हालत खतरे से बाहर है। वहीं, पूरे मामले की जांच के लिए डीएम द्वारा गठित कमेटी ने सिलसिलेवार तरीके से जांच जारी है।
बृहस्पतिवार को अमरोहा शहर स्थित बाइपास रोड की पीएनबी शाखा की टीम नायब तहसीलदार रूपक सक्सेना, लेखपाल और पुलिस बल के साथ गांव पंजूसराय में एक मकान खाली कराने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान कर्जदार सब्जी विक्रेता अशोक ने अधिकारियों के सामने ही खुद पर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा ली थी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी और गंभीर रूप से झुलसे अशोक को प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली रेफर किया गया था।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नायब तहसीलदार रूपक सक्सेना और संबंधित लेखपाल को उनके पद से हटाकर मुख्यालय अटैच कर दिया था। वहीं एसपी लखन सिंह यादव ने सूचना छिपाने और देर तक गुमराह करने के आरोप में नौगावां सादात इंस्पेक्टर बालेंद्र यादव, मूंढ़ाखेड़ा चौकी इंचार्ज परविंद्र मलिक और बीट प्रभारी कांस्टेबल हेमंत कुमार को निलंबित कर दिया था। साथ ही एलआईयू और सीओ नौगावां सादात अवधभान भदौरिया से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच कमेटी फिलहाल लोन से संबंधित दस्तावेजों और फाइलों की पड़ताल कर रही है। इसके बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं । उधर, चार दिन से परेशान परिजनों ने अशोक की हालत में सुधार होने पर राहत की सांस ली है।