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Amroha News: फैक्टरी में मजदूर की मौत पर कंपनी ने नहीं दिया क्लेम, अब चुकानी होंगे सात लाख

Wed, 29 Oct 2025 01:55 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। फैक्टरी में काम करते समय मजदूर विपिन कुमार की मौत के बाद बीमा कंपनी ने क्लेम देने से मना कर दिया। इस पर मजदूर की पत्नी ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली। फोरम ने बीमा कंपनी को क्लेम के सात लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज समेत देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आर्थिक और मानसिक पीड़ा व वाद व्यय के रूप में 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। फोरम कंपनी को एक माह में राशि अदा करने के निर्देश दिए है।
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गजरौला थानाक्षेत्र के खाईखेड़ा खादर गांव निवासी विपिन कुमार गजरौला की एक फैक्टरी में मजदूरी करते थे। ठेकेदार की ओर से रखे गए विपिन कुमार की फैक्टरी में 17 सितंबर 2022 को राख हटाते समय हादसे में मौत हो गई थी। इस दौरान विपिन कुमार की ऑन ड्यूटी एक्सीडेंटल बीमा पॉलिसी लागू थी जिसमें सात लाख रुपये का रिस्क कवर था।
मजदूर की मौत के बाद उनकी पत्नी भारती देवी ने बीमा कंपनी से क्लेम के लिए आवेदन किया लेकिन कंपनी में आवेदन खारिज कर दिया। इसमें बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि विपिन कुमार ने कारखाने में कचरा उठाने के बजाय अनाधिकृत रूप से ठेकेदार के ट्रैक्टर को लापरवाही से चालू कर दिया और बिना अनुमति के अपने नियमित कर्तव्यों का उल्लंघन करते हुए घटना को अंजाम दिया गया। विपिन केवल ट्राली में राख भरने का कार्य कर रहे थे। उनके द्वारा किसी भी ट्रैक्टर को नहीं चलाया गया है।
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आयोग ने कंपनी और ठेकेदार को किया तलब
इसके अतिरिक्त विपिन कुमार के पास कोई वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था और घटना वाले दिन वह ड्यूटी पर नहीं थे। यह घटना विपिन कुमार की लापरवाही से हुई है। बीमा कंपनी पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर भारती देवी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने बीमा कंपनी और ठेकेदार को तलब कर लिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी पाया और उनके द्वारा दिए गए तर्क को खारिज कर दिया। इस दौरान आयोग के अध्यक्ष ने बीमा कंपनी को क्लेम के सात लाख रुपये नौ प्रतिशत ब्याज समेत देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आर्थिक और मानसिक पीड़ा के लिए 15 हजार और वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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