अमरोहा। एप्पल क्लब फाउंडेशन अमरोहा की ओर से मोहल्ला दरबार-ए-कलां स्थित कैंप कार्यालय में शानदार शाम-ए-गजल का आयोजन किया गया। अदबी और शायराना माहौल में शहर के नामचीन शायरों ने अपने चुनिंदा कलाम पेश कर देर रात तक सामईन को महजूब किया। लोगों ने दिल खोलकर दाद दी और शायरों की हौसला-अफजाई की।
महफिल की सदारत मशहूर शायर सैय्यद मसरूर जौहर ने की। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल कुमार चिकारा एडवोकेट और महासचिव अरशद हुसैन भारती एडवोकेट बतौर मेहमान-ए-खास शामिल हुए। सैय्यद असलूब हुसैन जैदी और डॉ. जमशेद कमाल ने सरपरस्ती की। निजामत की जिम्मेदारी युवा शायर सैय्यद शैबान कादरी ने निभाई।
महफिल में सैय्यद मसरूर जौहर, डॉ. जमशेद कमाल, डॉ. मुबारक अमरोहवी, सैय्यद शैबान कादरी, नाजिम हुसैन आरिफ, अर्श अमरोहवी, शाहनवाज तकी, अफसर अमरोहवी और जैद जैदी समेत कई शायरों ने कलाम पेश किया। कपिल कुमार चिकारा ने कहा कि अमरोहा की पहचान गंगा-जमुनी तहजीब के साथ उसकी समृद्ध अदबी विरासत से भी है।
असलूब जैदी ने कहा कि शायरी दिलों को जोड़ने और मोहब्बत व भाईचारे का पैगाम देने का प्रभावी माध्यम है। सैय्यद मसरूर जौहर ने कहा कि अमरोहा की सरजमीं हमेशा से शेरो-अदब के लिए मशहूर रही है। डॉ. जमशेद कमाल ने शायरी को इन्सानी जज्बात की खूबसूरत तर्जुमान बताया।
कार्यक्रम में डॉ. महताब अमरोहवी, खलीक उज्जमा, फहीम शाहनवाज, नदीम राईनी, शकील अंसारी, अदनान मसरूर, सैय्यद जमशेद अशरफ अली, सैफ सिद्दीकी, मोहम्मद अहमद जैदी, आलम मंसूरी, सरताज आलम, दानिश इंजीनियर सिद्दीकी, इमदाद लोदी मौजूद रहे। संस्था की ओर से शायरों और अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।