एक बार फिर विदेशी अमरोहवी आम का स्वाद चलेंगे। पहली खेप दुबई जाएगी। सबसे पहले दुबई के नागरिक दशहरी के स्वाद का आनन्द लेंगे। इस बार भी सहारनपुर या लखनऊ पैक हाउस से आम की पैकिंग होगी। 20 जून से पहले 16 टन आम की पहली खेप कंटेनर के द्वारा दुबई के लिए भेजी जाएगी। इसके बाद सऊदी अरब के लोग दशहरी और लंगड़ा का जायका लेंगे।
अमरोहवी आम के विदेशी भी दिवाने है। ये ही वजह है कि सीजन शुरू होते ही विदेशों से आम की भारी मांग है। दो महीने के सिजन में इस बार जिले से साठ टन आम एक्सपोर्ट होने की उम्मीद है। जनपद के अमरोहा, हसनपुर और धनौरा क्षेत्र के में सैकड़ों आम के बाग हैं। अनुमानित जिले में आम की करीब चार सौ प्रजातियों के आम हैं। जिसका स्वाद और मिठास के देशवासी ही नहीं बल्कि विदेशी भी दीवाने हैं।
अमरोहवी आम का स्वाद कुवैत, कतर, मलेशिया, सिंगापुर शारजाह के अलावा दुबई और सऊदी अरब और यूएई सहित अन्य देशों के लोग चख चुके हैं। इस बार सऊदी अरब और दुबई से आम की मांग अधिक है। उत्तर प्रदेश मैंगो एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नदीम सिद्दीकी ने बताया कि इस सीजन में दशहरी आम की पहली खेप दुबई भेजी जा रही है। आम कंटेनर के माध्यम से भेजा जाएगा। पहली खेप 16 टन की होगी। डिमांड के अनुसार 20 जून से पहले आम दुबई भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि अमरोहा में मैंगो पैक हाउस पूरी तरह से तैयार नहीं हो सकता है। इसलिए इस सीजन भी आम को सहारनपुर या लखनऊ पैकहाउस में आम की पैकिंग कराई गई। इसके बाद आम की दूसरी खेप सऊदी अरब भेजी जाएगी। जैसे-जैसे आम का सीजन आगे बढ़ता रहेगा। वैसे ही अन्य देशों की डिमांड के अनुसार आम भेजा जाएगा।
उ.प्र. मैंगो एक्सपोर्ट एसोसिएशन अध्यक्ष नदीम सिद्दीकी ने बताया कि आम अरब देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, जापान और न्यूजीलैंड के लोग भी अमरोही आम के दीवाने हैं। पिछले सालों में संयुक्त अरब अमीरात, दुबई, ओमान, बहरीन, कतर से आम की खेप भेजी जा चुकी है। विदेशों में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, मल्लिका और मखसूस आम की काफी मांग रहती है। जापान में मल्लिका आम बहुत पसंद किया जाता है। जबकि चौसा की ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में काफी मांग रही है।