हसनपुर (अमरोहा)। दुष्कर्म की झूठी शिकायत पर किसान को थाने में बैठाकर वसूली करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शनिवार तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर इंस्पेक्टर अखिलेश प्रधान ने जांच शुरू कर दी है। वहीं विभागीय जांच ट्रैफिक सीओ शक्ति सिंह को सौंपी गई है। प्रकरण सुर्खियों में आने के बाद शासन ने भी रिपोर्ट तलब कर ली है। रहरा के गांव पौरारा निवासी महिला ने 19 मार्च को पहली तहरीर देकर गांव के पिंटू त्यागी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इसके बाद 23 मार्च को दूसरी तहरीर में पिंटू त्यागी और रामदास पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया गया। पुलिस ने दूसरी तहरीर के आधार पर रामदास को 23 मार्च की शाम हिरासत में लेकर थाने में बैठा लिया। इसके बाद पुलिस, महिला और गांव के ही जितेंद्र ने मिलकर रामदास के परिजनों पर समझौते का दबाव बनाया और जेल भेजने की धमकी दी थी।
24 मार्च की शाम तक जितेंद्र और महिला ने रामदास के परिजनों से 1.35 लाख रुपये वसूले गए। इस रकम में से 25 हजार रुपये जितेंद्र के खाते में ट्रांसफर कराई गई। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता कराया गया और पुलिस ने रामदास को छोड़ दिया। पीड़ित रामदास ने 25 मार्च को एसपी अमित कुमार आनंद को शिकायत देकर मामले की जांच की मांग की। एसपी ने मामले की जांच सीओ पंकज त्यागी से कराई तो आरोप सही पाए गए और थाना प्रभारी बृजेश कुमार की भूमिका भी संदिग्ध मिली।
इसके आधार पर एसपी ने थाना प्रभारी बृजेश सिंह को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने महिला और जितेंद्र के खिलाफ अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि, शनिवार तक दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। चर्चा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर से रिपोर्ट तलब की गई है, जबकि डीआईजी कार्यालय मुरादाबाद से भी जवाब मांगा गया है।
एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर इंस्पेक्टर अखिलेश प्रधान ने जांच शुरू कर दी है। वहीं, विभागीय जांच ट्रैफिक सीओ शक्ति सिंह कर रहे हैं। जांच में मजबूत साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तारी की जाएगी। संवाद