अमरोहा। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन में अब केवल कुछ दिन शेष रह गए हैं, ऐसे में प्रशासनिक महकमे में बजट खर्च करने की कवायद तेज हो गई है। 31 मार्च की समय सीमा को देखते हुए विभिन्न विभागों की ओर से तेजी से धनराशि जारी की जा रही है, ताकि आवंटित बजट वापस न हो और विकास कार्य प्रभावित न हों।
इसी क्रम में ग्राम पंचायतों के खातों में तेजी से फंड ट्रांसफर किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते यह राशि पंचायतों तक नहीं पहुंचती, तो बजट लैप्स होने की स्थिति बन सकती है, जिससे योजनाओं पर असर पड़ेगा। वित्तीय वर्ष समाप्ति के करीब आते ही सरकारी कार्यालयों में कामकाज का दबाव बढ़ गया है। विभिन्न विभागों में बजट खपाने को लेकर माथापच्ची जारी है। बिल और वाउचर तेजी से तैयार किए जा रहे हैं और खर्च का हिसाब-किताब दुरुस्त किया जा रहा है।
हालांकि, कई विभाग तय समय में अपने कार्यों को पूरा नहीं कर सके हैं। जिले में कई योजनाएं अभी तक स्वीकृत नहीं हो पाई हैं, जबकि कुछ योजनाएं स्वीकृति मिलने के बावजूद अधूरी पड़ी हैं। ऐसे में अंतिम समय में बजट खर्च करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नौ ग्राम पंचायतों में अंत्येष्टि स्थल निर्माण के लिए प्रति पंचायत लगभग छह लाख रुपये की धनराशि ट्रांसफर की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते पैसा खातों में नहीं पहुंचता, तो बजट वापस हो सकता है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होंगे। हालांकि कई ग्राम पंचायतों में अंत्येष्टि स्थल तैयार भी हो गए हैं। शनिवार को विकास भवन के अधिकांश कार्यालयों में कर्मचारी बिल बनाने में व्यस्त दिखे। वहीं ब्लॉक सहित अन्य विभागों में भी यही स्थिति देखने को मिली। कोषागार में भी भीड़ और काम का दबाव साफ नजर आया, जहां सभी काउंटरों पर कर्मचारी बिल वाउचर फीड करने में जुटे रहे।
प्रशासन का कहना है कि समय सीमा के भीतर बजट का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं। कोशिश की जा रही है कि अधिकतम विकास कार्य पूरे कराए जाएं और किसी भी स्थिति में सरकारी धन वापस न लौटे। जिला पंचायत राज अधिकारी पारुल सिसौदिया ने बताया कि विकास कार्यों से संबंधित पैसा ग्राम पंचायतों के खातों में भेज दी गई है।