अमरोहा। पुलिस अभिरक्षा से भागने वाले मुजफ्फरनगर के दोषी को न्यायालय ने डेढ़ साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। फिलहाल, दोषी अन्य मुकदमों में जेल में बंद है।
मुजफ्फरनगर जनपद के झिंझाना थानाक्षेत्र के चौसारा बड़ी निवासी मुशर्रफ उर्फ गुलजार पर कई मुकदमे हैं। एक मामले में वह मुरादाबाद जेल में बंद था। बिजनौर जिला न्यायालय में एक मुकदमे में पेशी थी, इसलिए 30 मार्च 2011 को कांस्टेबल महक सिंह, सियाराम, विजेंद्र सिंह, सईद अहमद आरोपी मुशर्रफ उर्फ गुलजार को ट्रेन से बिजनौर लेकर जा रहे थे। सभी लोग इंटरसिटी एक्सप्रेस में सवार थे।
जैसे ही ट्रेन गजरौला रेलवे स्टेशन के पास पहुंची तभी, मुशर्रफ चलती ट्रेन से कूछकर पुलिस अभिरक्षा से भाग गया था। इस मामले में गजरौला जीआरपी थाने में मुशर्रफ उर्फ गुलजार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। लापरवाही बरतने के मामले में सिपाही महक सिंह, सियाराम, विजेंद्र सिंह और सईद अहमद को निलंबित कर दिया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ हेमलता त्यागी की अदालत में चल रही थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रविंदर गर्ग पैरवी कर रहे थे। मुकदमे के ट्रायल पर आने के बाद मुशर्रफ ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस मामले में न्यायालय ने बृहस्पतिवार को आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर मुशर्रफ को पुलिस अभिरक्षा से भागने का दोषी मानते हुए डेढ़ साल की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना भी लगाया।