गजरौला के तिगरी में गंगा तट पर कटान कर रही गंगा।
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देश की सीमा पर तनातनी का माहौल है। आतंकवादी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं, लेकिन सरकार सीमा के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर है। कार्तिक पूर्णिमा पर वेस्ट यूपी के गंगा तिगरी मेले पर आतंकी साया है, जिसको लेकर खुफिया तंत्र सतर्क हो गया है।
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी अलर्ट हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को आतंकवाद निरोधी दस्ता बुलाया गया है। इसके अलावा पीएसी, डॉग स्क्वाड व बम निरोधक दस्ते बुलाए गए हैं। अधिकारियों की बात पर यकीन करें तो रविवार तक फोर्स व दस्ते तिगरीधाम पहुंच जाएंगे।
जिले के तिगरी गांव में गंगा किनारे हर साल की तरह इस बार भी कार्तिक पूर्णिमा पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा मेला आयोजित होगा, जिसकी तैयारियां दिन ब दिन जोर पकड़ रही हैं। उत्तर भारत का यह प्रमुख मेला है, जिसमें लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मेले में मनोरंजन के संसाधनों के अलावा खेल तलाशे, नौटंकी व अन्य सामानों की दुकानें सजती हैं। देेश की सीमा पर बढ़े तनाव व आतंकी हमले की धमकियों को देखते हुए तिगरी मेले पर भी खतरा माना जा रहा है। इसलिए पुलिस व प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता है। फूंक फूंक कर कदम उठा रहा है।
सूत्रों की मानें तो पुलिस व प्रशासन को सरकार व खुफिया तंत्र ने आतंकी धमकियों की रिपोर्ट से वाकिफ कराया है, जिसके बाद से अफसर श्रद्धालुओं की हिफाजत को लेकर बेहद गंभीर हो गए हैं। उन्होंने तिगरी मेले की सुरक्षा को आतंकवाद निरोधी दस्ता, बम डिस्पोजल स्क्वाड, घुड़सवार पुलिस कर्मी, फ्लड कंपनी, डॉग स्क्वाड, एनडीआरएफ बुलाई है। इसके अलावा स्पेशल सूचना टीम भी लगाई गई है। यह टीम श्रद्धालुओं की गतिविधियों व संदिग्ध लोगों पर निगाह रखेगी। मेलार्थियों की वेशभूषा में मुस्तैद रहेगी।