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Amroha News: किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को दस साल की सजा

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अमरोहा। अनुसूचित जाति की किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को न्यायालय ने दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दोषी जमानत पर बाहर था, न्यायालय का फैसला आने के बाद उसे हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। दोषी ने किशोरी के साथ शादी भी कर ली थी।
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ये मामला सैदनगली की थानाक्षेत्र के गांव का है। यहां पर किसान का परिवार रहता है। एक युवक हरिओम 2 सितंबर 2016 को उनकी 15 वर्षीय बेटी को बहला फुसला कर ले गया था। इसके तीसरे दिन हरिओम ने किशोरी के साथ शादी कर ली। इस मामले में किशोरी के पिता ने हरिओम के खिलाफ एससी एसटी एक्ट और अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने नौ सितंबर 2016 को किशोरी को बरामद कर आरोपी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया था। किशोरी के बयानों के आधार पर पुलिस ने हरिओम के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं की बढ़ोतरी की। बाद में पुलिस ने हरिओम को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। इसके कुछ दिन बाद ही हरिओम जमानत पर जेल से बाहर आ गया।
इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट तृतीय संजय कुमार चतुर्थ की अदालत में चल रही थी। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट बसंत सिंह सैनी पैरवी कर रहे थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान कई गवाह अपने बयानों से पलट गए थे। जबकि किशोरी ने भी अपनी इच्छा से हरिओम के साथ जाने की बात कही। चूंकि किशोरी नाबालिग थी और आरोपी हरिओम ने उसके साथ शादी भी कर ली थी। इसलिए न्यायालय ने साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर चार मार्च को हरिओम को दोषी करार दिया। सजा के प्रश्न पर न्यायालय ने बुधवार को मुकदमे में सुनवाई की और दोषी हरिओम को दस साल की सजा सुनाई। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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