इन कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से गांव में विकास कार्य ठप पड़ गया है।
कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी धाम में लगने वाले मेले में आए अपर आयुक्त को प्रशासन भोजन तक उपलब्ध नहीं करा पाया। यहां तक कि उनको जलपान कराने के लिए भी मेला मजिस्ट्रेट को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। कारण था कि मेस की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी व कर्मचारी पूर्वाह्न में ही भोजन व जलपान की कच्ची व पक्की सामग्री लेकर मेले से चले आए थे। अब मामले में मेला मजिस्ट्रेट ने दो नायब तहसीलदार व नायब नाजिर को नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण तलब कर लिया है।
तिगरी धाम में लगने वाले मेले में तहसील प्रशासन द्वारा मंडल व जनपद के अधिकारियों की आवभगत की व्यवस्था की जाती है। इसके लिए बाकायदा तहसील अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाती है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन अपर आयुक्त (न्यायिक) लोकपाल सिंह दोपहर में तिगरी धाम पहुंचे थे।
स्नानादि के बाद उनके भोजन व जलपान की बारी आने पर मालूम हुआ कि तहसील प्रशासन के अस्थायी मेस में कुछ भी सामान ही नहीं है। अपर आयुक्त को प्रशासन ने भोजन आदि नहीं कराया। यह बात मेला मजिस्ट्रेट व एसडीएम मोहम्मद नईम को बेहद नागवार गुजरी।
उन्होंने दोनों नायब तहसीलदार शमीम अहमद व राकेश जयंत और नायब नाजिर राजेश कुमार को बिना अनुमति के भोजन व जलपान का कच्चा व पक्का सामान अपने साथ ले जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दो दिन के भीतर जवाब तलब किया है।