तहसील सदर में आय प्रमाण पत्रों के फर्जीवाड़े का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब जाति प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा करने का मसला सामने आ गया। लेखपाल ने कुंवारी को शादीशुदा दर्शाते हुए उसका प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया।
रिपोर्ट देखकर परिवार के लोग भी हैरान रह गए। जो बेटी अभी पढ़ाई कर रही है, उसको विवाहित कैसे दिखाया गया। बहरहाल युवती के भाई की शिकायत पर एडीएम ने लेखपाल को खूब हड़काया और कार्यप्रणाली में सुधार की चेतावनी दी। जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
शहर के मोहल्ला सराय कोहना निवासी सोनिया पुत्री कैलाश चंद ने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सीएमएस जनसेवा केंद्र से आवेदन किया था, जिसकी संख्या 16060030072101 है, लेकिन उसकी जांच करने की बजाय लेखपाल ने आंख बंद कर रिपोर्ट लगा दी।
यह कहते हुए आवेदन को अस्वीकृत कर दिया कि उक्त पते पर निवास नहीं कर रही है, विवाह हो चुका है। अब जब उसके भाई लोकेश कुमार ने केंद्र प्रभारी से रिपोर्ट प्राप्त की तो देखकर सन्न रह गया, क्योंकि उसकी बहन अविवाहित है, लेकिन शादीशुदा दर्शाते हुए आवेदन निरस्त कर दिया गया।
शनिवार को वह मामले को लेकर उच्चाधिकारियों के दरबार में पेश हो गया। अपर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए पूरे प्रकरण से अवगत कराया। बताया कि उसकी बहन का विवाह अभी नहीं हुआ है। इस समय वह बीएड कर रही है। लेखपाल ने बिना सच्चाई जाने उसके जाति प्रमाण पत्र का आवेदन निरस्त किया है। जिस पर एडीएम ने संबंधित लेखपाल को खूब खरीखोटी सुनाई। पीड़ित पक्ष को जांच कराकर संबंधित लेखपाल के खिलाफ कारवाई का भरोसा दिलाया।