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टीम बोली-जंगल की जमीन, ग्रामीणों ने दिखा दिया पट्टा

Fri, 26 Aug 2016 01:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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forest fire - फोटो : Amar Ujala
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बिहारीपुर में वन विभाग की करीब साढ़े तीन सौ बीघा भूमि पर राजस्व अफसरों आैर कर्मियों की मिलीभगत से वन विभाग की जमीन पर पट्टे कर दिए गए। यह बात तब सामने आई, जब बुधवार को वन अफसर टीम के साथ जंगल का सर्वे करा रहे थे। दबंगों ने सर्वे कार्य को गलत बताते हुए राजस्व लेखापाल की मौजूदगी में सर्वे कराए जाने की बात कहकर सर्वे कार्य रुकवा दिया था। 
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  बैकफुट पर आए वन अफसरों को वापस लौटना पड़ा था। हालांकि सर्वे टीम ने करीब साढ़े चार सौ बीघा भूमि चिन्हित कर अवैध कब्जा होने की पुष्टि की थी। तो वहीं ग्रामीण्‍ााें ने जमीन के पट्टे अफसरों को दिखा दिए। अब सवाल यह उठता है कि जंगल की जमीन के पट्टे आखिर किसने काट दिए।

हसनपुर तहसील क्षेत्र के गांव बिहारीपुर के जंगल में करीब छह हजार बीघा वन विभाग का जंगल है। इसमें से करीब 1350 बीघा जंगल पर माफियाओं का कब्जा है। उधर, गांव जेबड़ा ऐतमाली में करीब चार हजार बीघा वन विभाग के जंगल में अब मौके पर महज सौ बीघा ही जंगल बचा है। इसमें से करीब तीन सौ बीघा भूमि पर दबंगों ने फसलें उगा रखीं हैं और बाकी भूमि को अफसर गंगा में कटी बता रहे हैं।
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जंगल पर अवैध कब्जे को अमर उजाला अखबार ने प्रमुखता से उठाया तो, वन अफसरों की नींद उड़ गई। कई बार अफसरों द्वारा सर्वे कराकर वन विभाग की जमीन को चिन्हित करने का आश्वासन दिए जाने के बाद जब बुधवार को सर्वे टीम बिहारीपुर के जंगल में सर्वे करने पहुंची, और करीब साढ़े चार सौ बीघा जंगल पर निशान लगा वन विभाग की भूमि पर कब्जा होने की पुष्टि हुई, तो माफियाओं के इशारे पर दबंग मौके पर जा पहुंचे और सर्वे को गलत ठहराते हुुए हंगामा कर दिया।

राजस्व लेखपाल की मौजूदगी में सर्वे कराए जाने की बात कहकर सर्वे रूकवा दिया था। उधर, अफसरों पर माफियाओं के फोन खटकने शुरू हुए तो टीम को बैकफुट पर आना पड़ा था। तीस से भी ज्यादा व्यक्ति जंगल की जमीन पर पट्टे होने की बात कहते हुए कागजात दिखा रहे हैं।

एक व्यक्ति पर ग्यारह बीघे का पट्टा है। जाहिर है कि लगभग साढ़े तीन सौ बीघा सरकारी भूमि को लेखपालों ने मोटी रकम लेकर बेच दिया। राजस्व लेखपालों को कटघरे में खड़ा होते देख अफसरों ने चुप्पी साध ली है। वहीं तहसीलदार जसधीर सिंह का कहना है कि, मुझे मामले की जानकारी नहीं है।

वन विभाग की भूमि पर पट्टे होने की बात से इंकार करते हुए बताया कि बिहारीपुर में सर्वे कराया गया था। लेकिन कुछ लोगों ने सर्वे गलत ठहराते हुए लेखपालों की मौजूदगी में सर्वे होने की बात कही थी। उधर, लेखपाल हड़ताल पर चल रहे हैं। सरकारी भूमि पर पट्टे हैं या नहीं यह तो लेखपाल ही बता पाएंगे।
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शीतल पंवार, वन क्षेत्राधिकारी 
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