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सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी की आत्मसमर्पण अर्जी खारिज

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गजरौला (अमरोहा)। अस्पताल संचालक की पत्नी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने और हत्या कर फेंकने की धमकी देने में फंसे युवती सहित दो आरोपी गिरफ्तारी से बचने को एससी एसटी एक्ट कोर्ट में आत्मसमर्पण की अर्जी दाखिल करने के बाद भी हाजिर नहीं हुए। आरोपी युवक की अर्जी खारिज कर दी गई। उधर युवती ने अग्रिम जमानत की अर्जी लगाने के बावजूद उसे वापस ले लिया। आत्मसमर्पण की याचिका दर्ज करने के बाद भी हाजिर नहीं होने वाली युवती ने गिरफ्तारी से बचने को दूसरी बार अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है।
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एक निजी अस्पताल संचालक की पत्नी ने बहाने से गजरौला में बुलाकर हथियारों के बल पर कार में सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट, पीड़ित की हत्या कर फेंकने की धमकी देने के साथ ही उसके पति व बच्चों का भी मर्डर करने की धमकी देने का आरोप लगाया था। उसने अक्तूबर में थाना गजरौला में हसनपुर के नया विरान गांव निवासी मुस्तफा, गजरौला थाना क्षेत्र के शहवाजपुर डोर निवासी कांति प्रसाद, क्षेत्र के ही एक गांव निवासी युवती और कार के अज्ञात चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने पीड़ित के बयान दर्ज कराए तो उसने अज्ञात कार चालक बछरायूं निवासी नदीम बताया। मुस्तफा व कांति प्रकाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन नदीम और युवती पुलिस के हाथ नहीं लगे। मामले की विवेचना कर रहे सीओ मंडी धनौरा सतेंद्र सिंह के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए नदीम ने अपने वकील के माध्यम से आत्मसमर्पण करने के लिए विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट के न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद वह हाजिर होने की बजाय बार-बार तारीख लेता रहा तो उसकी आत्मसमर्पण अर्जी को न्यायालय ने खारिज कर दिया। उधर युवती ने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई। जिसे बाद में वापस ले लिया। इसके बाद उसने आत्मसमर्पण की याचिका दर्ज कराई, लेकिन हाजिर नहीं हुई। उसने दूसरी बार अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई है। उधर, सीओ सतेंद्र सिंह ने कोर्ट को बताया कि नदीम और युवती दोनों ही वांछित हैं। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
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