अमरोहा। गन्ना किसानों के बकाया भुगतान के लिए चीनी मिलों की कार्यशैली में बदलाव नहीं आ सका है। अब बकाया बढ़कर 226 करोड़ रुपये हो गया है। होली भी करीब है, लेकिन चीनी मिल प्रबंधन भुगतान में रुचि नहीं दिखा रही है। इसके चलते होली की तैयारी में खलल पड़ सकता है। साथ ही होली फीकी हो सकती है।
जिले के किसानों का गन्ना 11 चीनी मिल खरीदती हैं अब तक 272.37 लाख क्विंटल गन्ना की पेराई हो चुकी है, लेकिन भुगतान के एवज में 226 करोड़ रुपये बकाया है। गन्ना भुगतान भी गिर कर 70 प्रतिशत पर पहुंच गया है। होली 10 मार्च को मनाया जाएगा। भुगतान के लिए कोई पहल नहीं दिख रही है। चीनी मिलों ने 14 दिन के आधार पर 753 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। गन्ना विभाग की चेतावनी के बावजूद चीनी मिल भुगतान में रुचि नहीं दिखा रही है। फरवरी में चीनी मिल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया था। भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी, लेकिन नोटिस का असर नहीं दिख सका है।
दिसंबर में दो चीनी मिलों का भुगतान
चीनी मिलों के भुगतान की प्रगति भी निराशाजनक हैं। इसमें दो चीनी मिल ने दिसंबर में भुगतान किया है। उसके बाद किसानों को एक आना भी नहीं दे सकी है। एक चीनी मिल पर 42 करोड़ और दूसरी पर 17 करोड़ रुपये बकाया है।
गन्ना का बकाया 1.89 लाख रुपये है। कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन भुगतान नहीं हुआ है। होली भी करीब है। इसके अलावा कई तरह के खर्च है समझ नहीं आ रहा है क्या करें।
- विजेंद्र सिंह, गन्ना किसान, सरकड़ी अजीज
गन्ना के बकाया को लेकर कई बार कार्यालय का चक्कर काट चुके हैं लेकिन 1.20 लाख रुपये नहीं मिला है। अगले सप्ताह होली है। खुशियों के त्योहार कैसे मनाए। रुपये कब मिलेगा कोई नहीं बता रहा। - बृजपाल सिंह, गन्ना किसान, जोजखेड़ा
बकाया के लिए कई बार मिल चुके हैं अफसरों को भी अवगत कराए हैं होली आ गया है लेकिन भुगतान के लिए कोई पहल नहीं हुई है। होली पर कई तरह का खर्च है। इसके अलावा कई तरह के रस्म भी होते हैं। - कपिल चौधरी, गन्ना किसान, नारंगपुर
सरकार का दावा झूठा साबित हो रहा है। चीनी मिल भुगतान में रुचि नहीं दिखा रहे हहैं। कुछ दिन और इंतजार करते हैं। कोई उपाय नहीं दिख रहा है। बकाया नहीं मिलने पर आंदोलन शुरू करेंगे।
- छुट्टन सिंह, गन्ना किसान, सरकड़ी अजीज
चीनी मिल को निर्देश दिया गया है। भुगतान की कार्रवाई की जा रही है। किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - हेमेंद्र प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी