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अमर उजाला की खबर पर दौड़े अफसर

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मंडी धनौरा (अमरोहा)। विकास खंड की ग्राम पंचायत आजमपुर के गांव आशिकपुरा में मुख्य मार्ग जलभराव की समस्या बनी हुई है। जिससे ग्रामीण परेशान हैं। स्कूली बच्चों को स्कूल आने जाने में परेशानी होती है। किसानों के गन्ना लदे वाहनों के पलटने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने सोमवार को जलभराव से निजात पाने के लिए पंपिंग सेट लगाकर पानी को बाहर निकाला, लेकिन समस्या दूर नहीं हो सकी है। इस समस्या को अमर उजाला ने अशिकपुरा में मुख्य मार्ग पर झील जैसा नजारा के शीर्षक प्रकाशित किया। जिससे सरकारी मशीनरी में खलबली मच गई। समस्या को जानने के लिए जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, विकास विभाग, चकबंदी अधिकारियों को गांव के लिए दौड़ा दिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से समस्या के बारे में जानकारी ली। गांव में नालों के निर्माण कराने पर चर्च की, लेकिन नाला निर्माण पर कितना खर्च होगा इसको लेकर अधिकारी पशोपेश में रहे। फिलहाल ग्रामीणों की समस्या दूर होनी आसान नहीं दिख रही है।
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मंगलवार को ग्रामीणों ने बताया कि आशिकपुरा गांव के मुख्य मार्ग पर झील जैसा नजारा नजर आ रहा है। सड़क के दोनों ओर पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं होने की वजह से जलभराव की स्थिति रहती है। मार्ग पर दो-तीन फीट पानी भरा हुआ है। इसी मार्ग से 15-16 गावों के ग्रामीणों को गुजरना पड़ता है। सोमवार को ग्रामीणों ने पंप की सहायता से पानी को बाहर निकाला था। समस्या को लेकर जिलाधिकारी व सीडीओ ने अधीनस्थों को गांव भेज दिया। लोक निर्माण विभाग के एई एसके जैन, एडीओ पंचायत सीपी सिंह, चकबंदी के एसीओ शाहिद हसन सवेरे ही गांव पहुंच गए। लोनिवि के एसके जैन का कहना था कि हमारा काम सिर्फ सड़क बनाना है। नाला निर्माण विकास विभाग को कराना होगा। वही मौके पर मौजूद एडीओ पंचायत का कहना था कि नाला निर्माण में लगभग 25 लाख रुपये खर्च होंगे। इतनी धनराशि का आवंटन एक ग्राम पंचायत को होना संभव नहीं है। चकबंदी विभाग के अधिकारी गंदे पानी को एकत्र करने के लिए सड़क के एक ओर ही भूमि देने को तैयार है। लेकिन अभी ग्रामीणों की समस्या हल होना दूर की बात है।
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