जिले में लगभग एक लाख हेक्टेयर जमीन में गन्ने की खेती होती है। बड़ी संख्या में किसान यहां गन्ने की पैदावार पर निर्भर हैं। यहां गन्ने की फसल को जिले की तीन शुगर मिलों के अलावा गैरजनपदों की छह चीनी मिलें खरीद करती हैं। जिले की तीनों चीनी मिलें किसानों को उनके गन्ने का बकाया भुगतान अभी तक बार-बार चेतावनी के बाद भी नहीं कर सकी है। इनमें प्रमुख रूप से मंडी धनौरा की वेव शुगर मिल व रामपुर जिले की करीम गंज व बेलवाड़ा स्थित शुगर मिलें शामिल हैं।
मंडी धनौरा की वेव शुगर मिल पर किसानों का 33.80 करोड़, बेलवाड़ा चीनी मिल पर 7.45 करोड़ रुपये व करीमगंज चीनी मिल पर 5.83 करोड़ रुपये का बकाया है। गन्ना विभाग के अनुसार वेव शुगर मिल ने पहले 30 जून तक बकाया गन्ने का भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद 31 जुलाई तक भुगतान का समय मांगा लेकिन भुगतान की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। इसको लेकर डीएम निधि गुप्ता वत्स ने नाराजगी जताई है।
- तीनों चीनी मिलों के अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए जल्द गन्ना भुगतान के निर्देश दिए हैं। समय पर भुगतान न करने की स्थिति में 2025-26 गन्ना पेराई सत्र में तीनों शुगर मिलों के क्रय केंद्रों में कटौती करते हुए दूसरे शुगर मिलों को उन क्रय केंद्रों का आवंटन कर दिया जाएगा। - मनोज कुमार, डीसीओ