डीएनएस पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने बृहस्पतिवार को डिडौली थाने पहुंचकर पुलिस की कार्यप्रणाली समझी। कई सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासा को शांत किया। थाने के कामकाज व एफआईआर दर्ज कराने के बारे में जाना। पुलिसकर्मियों ने विद्यार्थियों को महिला हेल्प डेस्क व साइबर हेल्प डेस्क की जानकारी दी। छात्र-छात्राओं ने थाने में वायरलेस पर सूचनाएं भी सुनीं।
शिक्षकों के नेतृत्व में छात्र-छात्राएं अमर उजाला फाउंडेशन कार्यक्रम के तहत डिडौली थाने पहुंचे। महिला हेल्पडेस्क, सीसीटीएनएस कक्ष, मुख्य कार्यालय, हवालात, डाक कार्यालय आदि का भ्रमण कराकर विद्यार्थियों को उसके संबंध में जानकारी दी गई। इंस्पेक्टर हरीशवर्धन सिंह कहा कि समाज की सुरक्षा के लिए पुलिस एक महत्वपूर्ण इकाई है। यह सभी का कर्तव्य है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की मदद करें। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बारे में भी जानकारी दी। बताया कि थोड़ी सी सावधानी से इससे बचा जा सकता है। फ्रॉड करने वाले ठगी के नए-नए तरीके इजाद कर रहे हैं। उनके किसी भी लालच और धोखे में नहीं आना है। छात्राओं से कहा कि कोई मनचला पीछा करे या छेड़खानी करें तो इसकी जानकारी पुलिस को दें।
उन्होंने कहा कि युवाओं को साइबर ठगी के मामले में खुद के साथ समाज में जागरूकता लानी चाहिए। इंस्पेक्टर ने छात्राओं को बताया कि आपातकालीन नंबर 112, महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 का उपयोग कब और कैसे किया जाता है। इस दौरान स्कूल के शिक्षक रिजवान, बीबता वर्मा और आकिब आदि मौजूद रहे।