फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amroha News: जर्जर घोषित स्कूलों में बैठ रहे छात्र...जिम्मेदारों ने आंखें मूंदीं

विज्ञापन
विज्ञापन
मंडी धनौरा। नगर के दो जूनियर हाईस्कूल जर्जर घोषित होने के बावजूद उनमें पढ़ाई जारी है। हालात ऐसे हैं कि कन्या जूनियर हाईस्कूल में पिछले चार दिनों में दो बार छत का प्लास्टर गिर चुका है। संयोग से दोनों बार कोई छात्र या शिक्षक उसकी चपेट में नहीं आया, लेकिन स्कूलों में हर दिन हादसे का खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन

मुख्य बाजार स्थित कन्या जूनियर हाईस्कूल के दो कमरे, एक स्टोर और दो बरामदे बेहद जर्जर हैं। सुरक्षा के मद्देनजर कक्षा छह और सात की छात्राओं को एक ही कमरे में बैठाया जा रहा है, जबकि कक्षा आठ की छात्राओं को दूसरे कक्ष में स्थानांतरित किया गया है। प्रधानाध्यापक खेम सिंह ने बताया कि भवन को पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका है, लेकिन अभी तक इसे ध्वस्त करने या नया भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
तिकोना जूनियर हाईस्कूल की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। यहां दो कमरे वर्षों से जर्जर होने के कारण बंद हैं और एक ही कमरे में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी ने बताया कि भवन की स्थिति से विभागीय अधिकारी अवगत हैं।
विज्ञापन

-
91 साल पुराने हैं दोनों स्कूलों के भवन
कन्या जूनियर हाईस्कूल व तिकोना जूनियर हाईस्कूल के भवन अंग्रेजी हुकूमत के दौरान बनाए गए हैं। दोनों स्कूलों में निर्माण वर्ष 1935 दर्ज है। 91 साल पुराने भवन की हालत क्या व कैसी होगी। इसकी कल्पना की जा सकती है। कन्या जूनियर हाईस्कूल की शिक्षिका सोनल गुप्ता का कहना था कि अब इस भवन में हमेशा अपनी व बालिकाओं की जान की चिंता रहती है। करीब एक हफ्ता पहले पालिका अधिकारियों ने भी दोनों स्कूल के भवन का निरीक्षण किया है। बालिकाओं ने डरे सहमे बताया कि स्कूल आते समय उनको घबराहट रहती है।
-
दोनों स्कूलों में मतदान केंद्र बनाया जाता है
कन्या जूनियर हाईस्कूल व तिकोने जूनियर हाईस्कूल के भवन में मतदान केंद्र स्थापित किया जाता है। आगामी कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में इन भवनों में मतदान केंद्र बनाना भी खतरे से खाली नहीं है। हर चुनाव से पहले सरकारी मशीनरी इन स्कूलों के भवन की हालत देखकर जाते हैं। लेकिन अभी तक इन भवनों की मरम्मत की पहल नहीं की गई है। मतदानकर्मी भी इन भवनों में बैठकर डरते रहे हैं।
-
दोनों भवनों जर्जर घोषित किए जा चुके हैं। इनकी मरम्मत व निर्माण के लिए नगर पालिका प्रशासन से अनुरोध किया गया है। विभाग की ओर से बजट मिलने पर ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभाग इन भवनों की मरम्मत कराने की स्थिति में नहीं है।
-प्रकाश चंद, खंड शिक्षा अधिकारी धनौरा
-
खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से नगर के जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत व निर्माण के लिए अनुरोध किया गया है। पालिका की ओर से नगर के सभी परिषदीय स्कूलों के भवनों के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण व मरम्मत का काम शुरू करा दिया जाएगा।
-प्रवीन अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष, धनौरा

दोनों स्कूल के भवनों की मरम्मत के लिए सरकार से पांच लाख रुपये की मांग की गई है। पैसा मिलते ही छतों की मरम्मत का काम शुरू करा दिया जाएगा। फिलहाल बच्चों को बराबर के कक्ष में शिफ्ट किया गया है।
विज्ञापन

-सतवीर सिंह, जिला समन्वयक, बेसिक शिक्षा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें