अमरोहा। प्रवासी मजदूरों के नामों की सूची में विद्यार्थी और अन्य लोग भी शामिल हो गए हैं। इसके अलावा कई मजदूरों ने अपने मां और बाप के बैंक अकाउंट का नंबर दे दिया है। जबकि 20 से अधिक नाबालिग मिले हैं। सत्यापन के बाद मामले का खुलासा हुआ। लेखपालों ने तहसीलदार को रिपोर्ट दी है। पात्रों को हजार-हजार रुपये दिए जाने हैं। इसके लिए अंतिम दौर में प्रक्रिया है। एसडीएम के निर्देश के बाद ऐसे अपात्रों का नाम प्रवासी मजदूर की सूची से बाहर कर दिया गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने महानगरों से घर लौटने वाले मजदूरों को जून मे 1000-1000 रुपये देने का ऐलान किया है। इसके चलते प्रवासी मजदूरों का सत्यापन चल रहा है। नौगांवा सादात तहसील क्षेत्र में कई ऐसे लोग मिलें है जो मजदूर नहीं है। इसमें 20 से अधिक विद्यार्थी हैं यह महानगरों में पढ़ाई कर रहे थें। यह लोग होम क्वारंटीन की शर्तों को पूरा किए हैं अब इन लोगों को 1000-1000 रुपये भेजने की कवायद की जा रही है। हालांकि रुपये भेजने से पहले इन लोगों का सत्यापन करना है। तहसील प्रशासन लेखपालों के जरिए सत्यापन कराने में जुटा है। यहां पर कई मजदूरों ने माता पिता का बैंक अकाउंट दर्ज कराया है। जबकि 20 से अधिक प्रवासी मजदूरों की उम्र 18 वर्ष से कम है। इसके अलावा कई लोग खुद का कारोबार करते हैं। उनके बयान के आधार पर सूची से नाम निकाल दिया गया है।
प्रवासी मजदूरों की सूची में कई के बैंक अकाउंट गलत हैं। माता पिता का अकाउंट नंबर दर्ज कराया है। जबकि कई दूसरे शहरों में पढ़ाई करते हैं। कुछ की उम्र 18 वर्ष से कम है। सत्यापन के दौरान मामले का खुलासा हुआ है। इन लोगों का नाम निकाल दिया गया है। - इंद्रनंदन सिंह, एसडीएम, नौगांवा सादात