आदमपुर(अमरोहा)। घर के कमरे में कपड़े बदलते समय सांप ने कक्षा चार के छात्र सुमित (11) के पैर में डस लिया। अंधविश्वास में फंसे परिजन सात घंटे तक छात्र को लेकर झाड़-फूंक कराने के फेर में लेकर घूमते रहे। जब तक अस्पताल लेकर पहुंचे तब तक बहुत देर हो चुकी थी। समय पर इलाज ने मिलने पर आखिरकार छात्र की मौत हो गई।
यह घटना थाना क्षेत्र के गांव शीतल सराय की है। गांव निवासी किसान हेम सिंह का घर गांव के बाहरी छोर पर है। सोमवार की सुबह किसान हेम सिंह का बेटा सुमित स्नान करने के बाद अंदर कमरे में कपड़े पहन रहा था। इसी वक्त कमरे में सांप आ गया और सुमित के पैर में डस लिया। सांप के डसने के बाद सुमित की तबीयत खराब हो गई। परिजन उसे अस्पताल ले जाने की बजाय झाड़-फूूंक वालों के पास लेकर पहुंच गए। पहले सुमित को गांव खड़करानी ले जाया गया। यहां कोई फायदा नहीं हुआ तो गांव भीमा सुल्तानपुर ले गए। सात घंटे इसी तरह से बर्बाद कर दिए।
दोपहर करीब दो बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसनपुर लेकर पहुंचे। जहां एंटी स्नैक इंजेक्शन लगाया। लेकिन इंजेक्शन लगने से पहले बहुत देर हो चुकी थी। यहां से जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां उसकी मौत हो गई। बताया जाता है कि सुमित बचपन से ही संभल जनपद के गांव कलुआ नगला में अपनी ननिहाल में रहकर पढ़ाई करता था। वह कक्षा चार में था। बीते बृहस्पतिवार को ही अपने गांव घूमने आया था। मृतक दो भाई में दूसरे नंबर का था। परिजनों ने बिना कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बोले चिकित्सक, झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें
हसनपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डॉ. ध्रुवेंद्र सिंह का कहना है कि सांप के काटने के बाद व्यक्ति को झाड़-फूंक वालों के पास लेकर जाकर समय बर्बाद ना करें। सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां एंटी स्नैक इंजेक्शन उपलब्ध हैं। यदि समय पर इंजेक्शन लग जाए। तो व्यक्ति के कई प्रतिशत जीवित रहने की उम्मीद रहती है।
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