अमरोहा। डिप्लोमा फार्मासिस्टों ने मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर नारेबाजी की। लंबित मांगों से संबंधित 20 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा। जल्द की समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतवानी दी है।
एक दिवसीय धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि फार्मासिस्ट संवर्ग में अराजपत्रित पदों पर कार्यरत फार्मासिस्टों को पद योग्यता एवं कार्यदायित्व के अनुरूप अन्य समकक्षीय व तकनीकी डिप्लोमाधारी पद धारकों की भांति ग्रेड पे 4600 रुपये का वेतनमान प्रदान किया जाए। एलोपैथिक चिकित्सकों की अनुपस्थिति में फार्मासिस्टों को प्रदान किया जाने वाला प्रभार भत्ता 75 रूपये के स्थान पर 750 रूपये प्रतिमाह निर्धारित किया जाए। फार्मासिस्ट का पद नाम फार्मेसी अधिकारी एवं चीफ फार्मासिस्ट का पद नाम चीफ फार्मेसी अधिकारी किया जाए।
चिकित्सकों की अनुपस्थिति में चिकित्सीय कार्य कर रहे फार्मासिस्टों को विधिक मान्यता दी जाए। फार्मेसी की शिक्षा को देखते हुए फार्मासिस्टों को प्राथमिक उपचार के साथ कुछ सीमित उपचार के लिए औषधियों लिखने का अधिकार प्रदान किया जाए। शव विच्छेदन कार्य के लिए पोस्टमार्टम भत्ता 40 रूपये के स्थान 100 रुपये प्रति केस किया जाए। इस दौरान चेतावनी देते हुए कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर बीस दिसंबर से समस्त सेवाएं बंद कर हड़ताल पर चले जाएंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष रणवीर सिंह, मंत्री वीके शर्मा, पीएन तिवारी, ओमजंग पाल सिंह, र्स्वण सिंह, केसी पाठक, संजय सिंह, नरेद्र कुमार, राहुल कुमार, प्रदीप कुमार आदि मौजूद रहे।