अमरोहा। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में जिले में दूसरे दिन भी इंजीनियर और कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी रहा। कहा कि ऊर्जा मंत्री ने सहमति जता दी है तो प्रबंध निदेशक का हस्ताक्षर नहीं करना हास्यास्पद है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मांग पूरी होने आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया। भाकियू भानु ने बिजली कर्मियों के आंदोलन का समर्थन किया। कहा कि जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हम लोग एक हैं। सरकार का यह काम पूंजीपतियों को लाभ दिलाएगा।
अधीक्षण अभियंता रजत जुनेजा ने कार्यालय परिसर के कार्य बहिष्कार में कहा कि हम लोगों की मांग किसान और जनता के हितों को लेकर है। निजीकरण से लोगों का शोषण बढ़ेगा। निजी कंपनी मनमानी करेगी। भाकियू भानू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि निजीकरण का फैसला किसान विरोधी है। इससे पूंजीपतियों को लाभ मिलेगा। सरकार का फैसला जनता के साथ धोखा है। संयोजक हरीश चौधरी ने कहा कि हम लोगों का मकसद है कि जनता को राहत मिले। जनता की भलाई के लिए आंदोलन कर रहे हैं। गुरुदेव ने कहा कि प्रबंधन अपने जिद को छोड़ें। निजीकरण का फैसला जनता और किसान विरोधी है। कमल सिंह ने कहा कि कुछ लोग हठधर्मिता अपनाए हैं। सहमति के बावजूद चेयरमैन का दस्तखत नहीं करना हास्यास्पद है। इस दौरान अधिशासी अभियंता पीपी सिंह, अश्वनी चौधरी, युवराज सिंह, एसडीओ सुरेंद्र यादव, एसडीओ अरविंद नागर, नरेंद्र कुमार, दयाल कुलश्रेष्ठ, सुशील कुमार, अनिल कुमार, उत्तम चंद्र, तौहीद अकबर, चंदन सिंह, नरेश कुमार, देवेश कुमार, हरीश कुमार, रविंद्र सिंह, चमन प्रकाश आदि रहे।
सब स्टेशन में पुलिस फोर्स मुस्तैद
अमरोहा। बिजली घर में पुलिस फोर्स दूसरे दिन भी मुस्तैद रही। सुबह लगभग नौ बजे पुलिस के जवान ड्यूटी स्थल पर पहुंच गए। देर शाम तक ड्यूटी करते रहे।