गजरौला। भाइयों के घर राखी बांधने जा रहीं बहनों के सामने दुश्वारियों के पहाड़ आए। चौपला पर सुबह 9.15 बजे तक कई बसें बिना रुके ही निकल गईं। एक बस के चालक ने बस रोकी नहीं बल्कि रफ्तार कम की।
जान जोखिम में डाल कर उसमें सवार हो सकीं । शनिवार को रक्षाबंधन होने के कारण भाइयों के घर जाने के लिए बहनें जल्द ही घर से निकल पड़ीं। सबको त्योहार पर घर जाना था। लिहाजा चौपला पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां मुरादाबाद की तरफ जाने के लिए बसों का इंतजार करने में बहनों को 45 मिनट बीत गए। एक बस आई। उसका चालक बिना रोके ही बस को लेकर रवाना हो गया।
बहनें उसके पीछे काफी दूर तक दौड़ीं। लेकिन बस नहीं रुकी। करीब आधे घंटे बाद एक बस और आई। उसके चालक ने बस रोकने की बजाए रफ्तार कम की। 100 मीटर तक बहनें व अन्य यात्री उसके पीछे भागते रहे। जान जोखिम में डालकर कुछ ही बहन चलती बस में सवार हो सकीं। बहनों के लिए किए गए इंतजाम नाकाफी साबित हुए। अधिकांश बस ओवरब्रिज के ऊपर से गुजरती रहीं। परिवहन निगम के एआरएम के सी गौड़ का कहना है कि बस किस कारण लेट आ रहीं हैं और क्यों नहीं रुक रहीं, वह खुद जानकारी कराएंगे। संवाद