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एसआईआर : गणना प्रपत्र नहीं भर पा रहे मतदाता, लौटाने में भी दिलचस्पी नहीं

Tue, 25 Nov 2025 02:43 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। जानकारी के अभाव में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता गणना प्रपत्र भर नहीं पा रहे हैं। लोगों को समझ नहीं आ रहा कि प्रपत्र में क्या जानकारी भरें। उनकी इस दुविधा को बीएलओ भी दूर नहीं कर पा रहे हैं। साल 2003 की वोटर लिस्ट न मिलने से मतदाता परेशान है। हर कोई असमंजस की स्थिति में है।
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वहीं, गणना प्रपत्र लेकर जाने वाले लोग उन्हें वापस करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। पिछले दिनों से गणना प्रपत्र फॉर्म भरे जा रहे है। सोमवार को भी जिलेभर में मतदाता गणना प्रपत्र भरे गए। अमरोहा शहर के बूथों पर बीएलओ गणना प्रपत्र भरते दिखे तो जेएस कॉलेज के बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा। यहां गणना प्रपत्र भरवाने कोई नहीं पहुंचा। बीएलओ लोगों का इंतजार करते मिले।
एसआईआर अभियान को शुरू हुए दस दिन से ज्यादा समय हो चुका है। बीएलओ से जो गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए हैं उसमें तीन भाग है। पहला भाग तो मतदाता आसानी से भर ले रहे है लेकिन परेशानी दूसरे व तीसरे भाग को लेकर है। दूसरे भाग में साल 2003 के हिसाब से जानकारी देनी है जबकि तीसरे में जिन मतदाताओं के नाम 2003 नहीं है उनको जानकारी देनी है। लोगों का कहना है कि उन्होंने पिछले चुनाव में मतदान किया था और लगातार मतदान करते आ रहे हैं तो फिर प्रपत्र में इतनी ज्यादा जानकारी क्यों मांगी गई हैं।
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लोगों को डर है कि प्रपत्र का सिर्फ एक भाग भरने से कहीं उनका नाम सूची से कट न जाए। साल 2003 की मतदाता सूची बीएलओ के पास भी नहीं हैं। उनसे मांगने पर सब कुछ ऑनलाइन उपलब्ध होने की बात कहते हैं। जेएस कॉलेज के बूथ में मिले मतदाता राम कुंवर ने बताया कि वह बीत 20 साल से अधिक समय से वोट डाल रहे हैं लेकिन उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है।
इसलिए प्रपत्र भरने में दिक्कत आ रही है। इसी तरह की समस्या अधिकांश मतदाताओं के सामने आ रही है। लोग फाॅर्म लौटाने में बहुत बहाने कर रहे हैं। बीएलओ को एक-एक घर में तीन से चार बार जाना पड़ रहा है। महिला मतदाता मायके की जानकारी नहीं दे पा रही हैं। ऐसे में गणना प्रपत्र भराना मुश्किल हो रहा है।

मायके के जानकारी जुटाना महिला मतदाताओं के लिए बना मुसीबत
एसआईआर महिला मतदाताओं के लिए मुसीबत बन गया है। उन्हें मायके से वोटर लिस्ट की जानकारी जुटानी पड़ रही है। फिर इसका मिलान करने में बीएलओ परेशान हो रहे हैं। उन्हें ऐसे वोटरों का मिलान करने में ज्यादा दिक्कत हो रही है जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं थे। ऐसी महिला मतदाताओं का मिलान उनके दादा या दादी के नाम से करना पड़ रहा है। बीएलओ के सामने एक और दिक्कत आ रही है। मतदाता सूची हिंदी में है और बीएलओ एप पर नाम सर्च करने के लिए अंग्रेजी भाषा में लिखा जा रहा है। इससे स्पेलिंग अलग हो जाने के कारण मिलान में दिक्कत आ रही है। इतना ही नहीं एक ही नाम के कई वोटरों की लिस्ट खुलकर सामने आ जाती है। इसमें से सही वोट छांटने में काफी समय लग रहा है।

किसी अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत नहीं
एसडीएम सदर शैलेश कुमार दुबे ने बताया कि मतदाताओं को किसी भी भ्रम में रहने की जरूरत नहीं है। किसी भी योग्य व्यक्ति का वोट नहीं कटेगा। अभियान का मकसद हर एक मतदाता का नाम सूची से जोड़ना है। फॉर्म के साथ कोई भी अतिरिक्त दस्तावेज नहीं जमा करना है। फार्म में मांगी गई जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि, आधार नंबर(वैकल्पिक), मोबाइल नंबर, पिता या अभिभावक का नाम, पिता या अभिभावक का एपिक नंबर(यदि उपलब्ध हो), पति या पत्नी का नाम (यदि लागू हो), पति या पत्नी का एपिक नंबर (यदि लागू हो)। फाॅर्म पर पासपोर्ट साइज फोटो भी चस्पा करनी होगी।

फार्म के साथ नहीं देना है कोई पहचान पत्र
एसडीएम सदर शैलेश कुमार दुबे ने बताया कि मतदाता चार दिसंबर तक बीएलओ से प्राप्त हुए फाॅर्म को भरकर वापस कर दें। वापस करते समय किसी भी पहचान पत्र को जमा करने की जरूरत नहीं है। नौ दिसंबर 2025 मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। चार दिसंबर तक जिन मतदाताओं द्वारा फाॅर्म जमा नहीं किया गया है, उनके साथ-साथ गैरहाजिर, विस्थापित, मृत मतदाताओं का ड्राफ्ट पब्लिकेशन नौ दिसंबर को होगा। इसके बाद निर्वाचक पंजीयन अधिकारी द्वारा नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस के जवाब में मतदाता अपने जवाब के साथ भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा तय किए गए 13 पहचान पत्रों में से किसी एक को साक्ष्य के रूप में जमा कर सकते हैं। साक्ष्य की जांच बीएलओ द्वारा की जाएगी। इसके बाद ही मतदाता सूची में नाम शामिल करने या न करने का निर्णय लिया जाएगा।

मतदाताओं की आ रही परेशानी
मंडी धनौरा। कन्या जूनियर हाईस्कूल पर दोपहर 12:30 बजे बीएलओ मौजूद थे। शिवा अग्रवाल परिवार का फॉर्म लेकर आए। उनके सामने 2003 की मतदाता सूची में अपने पिता का नाम ढूंढने में दिक्कत आ रही थी। उनके पिता 2003 में बुलंदशहर जिले के दनकौर में रहने वाले थे। इसी तरह की अन्य परेशानी प्राइमरी पाठशाला संख्या दो के बूथ पर भी आई। बछरायूं के बूथ पर मुस्लिम महिलाएं पूरी जानकारी भरने के बाद फॉर्म ला रही थी। संवाद

गणना पत्र नहीं मिलने से लोग परेशान
हसनपुर। एसआईआर के लिए सबसे बड़ी दिक्कत महिलाओं के मायके से जरूरी जानकारी जुटाने में आ रही है। एसआईआर के तहत महिलाओं को मायके की 2003 की मतदाता सूची से पिता या किसी भी सदस्य के नाम की डिटेल लेकर जमा करनी होती है। इसके कारण कार्य बाधित हो रहा है। स्थानीय बीएलओ को इस प्रक्रिया में परेशानी हो रही है। साथ ही सैकड़ों लोगों के गणना पत्र अब तक बीएलओ तक नहीं पहुंचे हैं। गांव ढक्का निवासी तौफीक अहमद का गणना प्रपत्र बीएलओ पर उपलब्ध नहीं है जबकि उनके परिवार के अन्य सभी सदस्यों के फॉर्म पहुंच चुके हैं। हसनपुर के वार्ड-17 कुरैशियान निवासी मोईना का भी गणना प्रपत्र नहीं मिला है। इसी प्रकार वार्ड-18 निवासी फरहा व वार्ड-10 की आमना बेगम को भी उनके गणना प्रपत्र नहीं प्राप्त हुए हैं। गणना प्रपत्रों की अनुपलब्धता और मायके से सूचना नहीं मिलने के कारण एसआईआर को पूरा करने में दिक्कत आ रही है। संवाद

दिए गए फार्म वापस नहीं कर रहे लोग
गजरौला। नगर में 46 बीएलओ एसआईआर फाॅर्म भरने के लिए लगाए गए हैं। पालिका के सामने बैठे बीएलओ अजय गो स्वामी ने बताया कि उनको एसआईआर काम करने में दिक्कत हो रही है जो लोग फार्म भरवाने के लिए घर से बाहर नहीं आए, उनको घर-घर जाकर फाॅर्म दिए गए। मगर कई बार कहने के बाद भी नागरिक भरे गए फाॅर्म वापस नहीं कर रहे हैं। ईओ ललित कुमार आर्य ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले बिहार व पूर्वांचल के सैकड़ों लोग ऐसे हैं, जो छुट्टी लेकर चले गए। उनके बारे में बीएलओ को कोई जानकारी नहीं मिल रही है। संवाद
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