अमरोहा। ट्यूबवेल चलाते समय करंट से किसान की मौत के बाद बीमा क्लेम खारिज करने वाली बीमा कंपनी को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मृतक की पत्नी को तीन लाख रुपये की बीमा राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक आर्थिक क्षति एवं वाद व्यय के रूप में 15 हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। यह पूरी राशि एक माह के भीतर अदा करनी होगी।
नौगावां सादात निवासी किसान नौशाद की तीन मार्च 2019 को खेत में सिंचाई करते समय ट्यूबवेल चलाने के दौरान करंट लगने से मौत हो गई थी। नौशाद का मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के तहत बीमा था। उनकी पत्नी नूरी ने 14 अप्रैल 2019 को बीमा कंपनी में क्लेम किया, लेकिन कंपनी ने भुगतान देने से इन्कार कर दिया। क्लेम निरस्त होने पर नूरी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली और पुलिस पंचनामा, ग्राम प्रधान का प्रमाणपत्र और अन्य अभिलेख प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह ने अपने निर्णय में कहा कि बीमा कंपनी ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों की अनदेखी करते हुए दावा अस्वीकार किया, जो उचित नहीं था। इसी आधार पर आयोग ने बीमा कंपनी को बीमा राशि तीन लाख रुपये नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित तथा 15 हजार रुपये अतिरिक्त क्षतिपूर्ति देने का आदेश जारी किया।