अमरोहा। मोहब्बत की खातिर अलीगढ़ के राहुल के साथ सात फेरे लेने वाली शिफा को कोर्ट से भी राहत मिल गई है। पुलिस ने उसे सोमवार को कोर्ट में पेश किया जहां वह प्रेमी से पति बने राहुल के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। बालिग होने के चलते कोर्ट ने भी उसे पति के साथ रहने की इजाजत दे दी। इसके बाद शिफा पति के साथ ससुराल चली गई।
अमरोहा की शिफा ने रानी बनाकर अलीगढ़ के रहने वाले राहुल के साथ दिल्ली के आर्य समाज मंदिर में शादी की थी। दो धर्मों से जुड़ी मोहब्बत की कहानी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। डिडौली कोतवाली के एक गांव में किसान का परिवार रहता है। उनके घर के पास अलीगढ़ जिले के अतरौली थानाक्षेत्र के गांव भानपाड़ा निवासी राहुल किराये के मकान में रहता था। राहुल यहां एक फैक्टरी में नौकरी करता था। इस बीच शिफा और राहुल के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया।
दोनों ने अपने परिवार के लोगों से शादी की बात की तो धर्म आड़े आया और परिजनों ने शादी कराने से मना कर दिया। बीते 23 फरवरी को शिफा व राहुल गायब हो गए। शिफा के परिजनों ने डिडौली कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। इस दौरान शिफा राहुल के साथ दिल्ली में रहती थी और उसने खुद का नाम रानी रख लिया। बाद में दोनों ने दिल्ली के आर्य समाज मंदिर में शादी भी कर ली।
शिफा ने मर्जी से नाम बदलकर शादी करने की बात कही
शादी के बाद राहुल शिफा उर्फ रानी को अलीगढ़ अपने घर ले गया। दोनों यहां पति-पत्नी के रूप में रह रहे थे। इस बीच पुलिस को शिफा की लोकेशन अलीगढ़ में मिली। 23 अगस्त को जिवाई चौकी प्रभारी सुधीर कुमार तोमर के नेतृत्व में टीम अलीगढ़ पहुंची और शिफा उर्फ रानी को बरामद कर लिया। इस बीच राहुल वहां से भाग निकला था। पूछताछ के दौरान शिफा ने पुलिस को अपना नाम बदलकर शादी करने की बात कबूल की थी। इसके बाद उसे सेफ हाउस में रखा गया है। सोमवार को डिडौली पुलिस ने शिफा को न्यायालय में पेश किया। सीओ सिटी शक्ति सिंह ने बताया कि बयान दर्ज करने के बाद कोर्ट के आदेश पर शिफा को उसके पति के सुपुर्द कर दिया गया है। इसके बाद में अपनी ससुराल अलीगढ़ चली गई।