फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

370 दिन में चार्जशीट, 171 दिन में वारंट

विज्ञापन
विज्ञापन
अमरोहा। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच चल रहे विवाद को डेढ़ साल होने को हैं। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद 541 दिनों तक चली कानूनी प्रक्रिया में चार्जशीट और वारंट जारी हो चुकेे हैं। चार्जशीट दाखिल करने में 370 दिन तो वारंट जारी होने में 171 दिन लगे। फिलहाल कोलकाता की अलीपुर एसीजेएम कोर्ट से जारी वारंट से क्रिकेटर शमी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विज्ञापन

मोहम्मद शमी और हसीन जहां के बीच चल रहा विवाद सार्वजनिक रूप से छह मार्च 2018 को सामने आया। जब हसीन ने अपने ऑफिसियल फेसबुक एकाउंट पर व्हाट्सएप चैटिंग के स्क्रिन शार्ट और फोटो पोस्ट कर शमी पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स का आरोप लगाया। हसीन यहीं नहीं रुकी उन्होंने आठ मार्च 2018 को शमी और उनके परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ संगीन धाराओं में कोलकाता के जादवपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। फिलहाल मामला कोर्ट में चल रहा है। रिपोर्ट दर्ज होने के 370 दिन की जांच पड़ताल के बाद कोलकाता पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट में हसीन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज हुए। इस मामले में सोमवार को कोर्ट ने शमी और उनके भाई के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वारंट चार्जशीट दाखिल होने के 171 दिन बाद जारी किया गया है। मोहम्मद शमी टीम इंडिया के साथ वेस्टइंडीज दौरे पर हैं। वहीं हसीन कोलकाता में जमी हैं। इस मामले में शमी के परिजन कोर्ट का हवाला देकर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन

एक नजर विवाद के घटना क्रम पर
छह मार्च 2018 को हसीन जहां ने व्हाट्सएप के स्क्रिन शार्ट फोटो वायरल किया
आठ मार्च 2018 को हसीन जहां ने कोलकाता में शमी और उनके परिवार के चार सदस्यों पर रिपोर्ट दर्ज कराई
18 मार्च 2018 को कोलकाता क्राइम ब्रांच की टीम शमी के गांव पहुंची
18 अप्रैल 2018 को शमी और उनके भाई ने कोलकाता में बयान दर्ज कराए
सात मई 2018 को कोलकाता क्राइम ब्रांच की टीम ने अमरोहा में बयान दर्ज किए
14 मार्च 2019 को कोलकाता पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल की
दो सितंबर 2019 को कोर्ट ने शमी और उनके भाई के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया
इन धाराओं में दर्ज कराई थी रिपोर्ट
धारा 498ए दहेज से संबंधित घरेलू हिंसा
323 मारपीट
307 हत्या की कोशिश
323 मारपीट
376 दुष्कर्म
506 जान से मारने की धमकी
328 जहर देना
34 आपराधिक साजिश के तहत सामूहिक अत्याचार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें