फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौहा और मर्सिया को सुन कर अजाजारों की आंखें हो गईं नम

विज्ञापन
विज्ञापन
नौगवां सादात (अमरोहा)। अंजुमने हैदरी ने मंगलवार को तीन मोहर्रम का जुलूस दोपहर एक बजे मोहल्ला बंगला स्थित हिग्वा वाली मस्जिद से बरामद किया। मौलाना मोहम्मद अब्बास ने मसायबे आले मोहम्मद बयान किया। उन्होंने उस वक्त की मंजरकशी पेश की, जिस वक्त इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम अपने छोटे से काफिले को लेकर कर्बला पहुंचे थे, क्योंकि हुसैन ने अपने नाना रसूल अल्लाह स.अ.व. से बचपन में वादा किया था कि नाना मैं आपके दीन को किसी भी तरह खत्म न होने दूंगा। सबसे आगे हुसैनी बाजा चल रहा था। ऊंटों पर अमारियां सजी हुई आगे आगे चल रही थी। इनके पीछे 72 अलम चल रहे थे, जो 72 शहीदों की याद ताजा कर रहे थे। उनके पीछे जुलजना और उसके बाद अंजुमने हैदरी का परचम रहा। अजादार नंगे पैर इमाम हुसैन और उनके साथियों की याद में नोहा पढ़ते चल रहे थे। नोहा सज्जाद अली और मर्सिया अली अनसर ने पढ़ा। जुलूस मोहल्ला काजमैन कर्बला रोड, दौलत शाहीद, बड़ी इमली पहुंचा। यहां पर इरशाद अली और वसी हैदर ने नोहा पढ़ा। फिर ये जुलूस मोहल्ला कटकुई, फखरपुरा, हुसैनी चौक होता हुआ शाहफरीद पहुंचा। जहां पर अली शब्बर और आदिल अब्बास ने नोहा पढ़ा। इसके बाद यह जुलूस मोहल्ला मैन बाजार, पापड़ी, अली नगर, अबुतालिब चौक, बुध बाजार, गुला तालाब से मोहल्ला बांग्ला पहुंचा। जुलूस में मोहम्मद अशरफ, मोहम्मद अब्बास, हुसैन अब्बास, कौसर अब्बास, शोबी, शहजाद आब्दी, अनवर, शबाब, वजाहत, सिब्ते हैदर आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें