Shadow fog till ten o'clock in the morning, shivering left by cold wave
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कड़ाके की सर्दी के बीच आए कोहरे के कारण सुबह दस बजे तक वाहन हाईवे और बिजनौर मार्ग पर हादसे से बचने के लिए वाहन रेंग-रेंग कर आगे को गुजरे। कोहरे व सर्दी के कारण दिन भर सड़कों पर बहुत कम चहल कदम रही। कोहरा सरसों, आलू एवं अन्य सब्जी की फसलों को नुकसान दायक होता है। इससे बचने के लिए किसानों को सल्फर के घोल का छिड़काव करना चाहिए।
गुरुवार को इस सर्दी के मौसम का सबसे अधिक कोहरा आया। गजरौला में सुबह दस बजे तक कोहरे की चादर तनी रही। कोहरा इस कदर था कि थोड़ी ही दूर का भी नहीं दिख रहा था। दृश्यता बहुत कम रहने पर वाहन चालक सुबह दस बजे के बाद तक भी लाइट जलाकर गुजरे। उधर कड़ाके की सर्दी और कोहरे की चादर में लोग घरों में छिपे रहे। बहुत ही कम लोग घरों से बाहर निकले। जिसके चलते सड़कों पर चहल कदमी दिखाई नहीं दी। कोहरे में जहां हादसे की आशंका रहती है, वहीं सरसों और सब्जियों की फसलों के लिए खासा नुकसानदायक है। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डा.अरविंद कुमार मिश्र का कहना है कि कोहरा एक दो दिन आए और दिन में अच्छी धूप निकले तो खास नुकसान नहीं पहुंचाता, मगर कई दिन तक लगातार आता रहे तो सरसों, आलू आदि को बड़ा नुकसानदायक साबित होता है। इसके नुकसान से बचने के लिए किसानों को चाहिए कि वह सरसों, आलू, मटर, गोभी आदि पर सल्फर का दो फीसदी घोल का छिड़काव करें।