हसनपुर (अमरोहा)। क्षेत्र के गांव सतेड़ा चक की मढ़ैया में बुधवार दोपहर स्वास्थ्य विभाग अमरोहा और हरियाणा की पीसीपीएनडीटी टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारकर गर्भस्थ शिशु के लिंग परीक्षण रैकेट का भंडाफोड़ किया है। यह अवैध जांच गांव में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के घर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से की जा रही थी। टीम ने मौके से तीन गर्भवतियों समेत छह लोगों को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया है। पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त कर ली है।
टीम प्रभारी डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस के हवाले किए गए लोगों में जांच कराने आईं तीन गर्भवती, दो दलाल और जांच करने वाला मुख्य आरोपी शामिल हैं। गर्भवतियों में दिल्ली, हरियाणा के झज्जर और रोहतक (हरियाणा) की महिला है। झज्जर के ही रवींद्र और हसनपुर के करनखाल निवासी विपिन को दलाल बताकर दबोचा गया है। इनके अलावा हसनपुर करनखाल निवासी देवेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।
एसीएमओ डॉ. जसकरण गंगवार ने बताया कि देवेंद्र की ही पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन है और वही गर्भवतियों की जांच करता था। इसको मुख्य आरोपी बनाया गया है। दर्ज हुई रिपोर्ट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पति अमर सिंह का नाम भी है लेकिन वह भागने के कारण टीम के हत्थे नहीं चढ़ सका। टीम के मुताबिक छापे के समय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संचा घर पर नहीं थी। सभी के खिलाफ पीसीपीएनडीटी एक्ट और बीएनएस की गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
गर्भस्थ लिंग जांच के लिए किससे कितनी वसूली
दिल्ली की महिला से 35 हजार रुपये
हरियाणा की महिला से 48,500 रुपये
हरियाणा रोहतक की महिला से 30,500 रुपये
पहले भी इसी खेल में जेल जा चुका है हसनपुर का देवेंद्र
पुलिस के मुताबिक गर्भस्थ शिशु के लिंग परीक्षण के अवैध धंधे में जिस देवेंद्र सिंह को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है वह पहले भी इसी तरह की हरकतों में जेल जा चुका है। वह हसनपुर के करनखाल का रहने वाला है।
विरोध और हंगामा भी
टीम ने बताया कि छापे के दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच हालात नियंत्रित कराए और छापे से लेकर गिरफ्तारी तक की कार्रवाई पूरी कराई। इसी हंगामे का लाभ लेकर आंगनबाड़ी वर्कर का पति अमर सिंह भागने में सफल रहा।
-